पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दोहा में फंसे 500 से ज्यादा यात्री शुक्रवार को एक विशेष उड़ान से सुरक्षित नई दिल्ली पहुंच गए। भारत पहुंचने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली और संकट के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कतर सरकार का आभार जताया और भारतीय दूतावास के सहयोग की सराहना की।
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यात्री ने कतर सरकार की तारीफ की
चार साल से कतर में रह रहे एक यात्री ने कतर सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि मिसाइल रोकने के दौरान नागरिकों की सुरक्षा के लिए मोबाइल पर आपातकालीन अलर्ट भेजे जाते थे और लोगों को घर के अंदर सुरक्षित जगहों में रहने को कहा जाता था। खतरा टलने के बाद दूसरा संदेश भेजकर सामान्य स्थिति की जानकारी दी जाती थी। उन्होंने आगे बताया भले ही संघर्ष 28 तारीख से शुरू हुआ, लेकिन कतर में उन्हें खाना, पानी और अन्य जरूरी चीजों की कोई कमी नहीं थी। इस यात्री का कहना था कि वहां की व्यवस्था बेहद असरदार है, लेकिन भारत लौटकर उन्हें खुशी हो रही है।
हम कतर के आभारी, घर लौटने की खुशी है अलग
दूसरी यात्री ईशा ने भी कतर प्रशासन, भारतीय दूतावास और भारत सरकार की कोशिशों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संघर्ष के बावजूद मुश्किल वक्त में कतर से मिला सहयोग और देखभाल अविस्मरणीय है? हमें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई, लेकिन घर लौटने की खुशी अलग है। उन्होंने कतर को अपना दूसरा घर बताते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही क्षेत्र में शांति बहाल होगी।
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ईशा ने कहा, वहां आपातकालीन अलर्ट ने सभी के लिए सबकुछ आसान बना दिया। हमें खाना या पानी के बारे में कोई फिक्र नहीं थी। सब कुछ सामान्य था। भारतीय दूतावास अपना काम बहुत अच्छी तरह से कर रहा है। वह फंसे हुए सभी लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल पश्चिम एशिया में सुरक्षा संकट बढ़ने के कारण खाड़ी देशों से सीमित उड़ान संचालन जारी है।
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