पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है और अभी भी ईरान की तरफ से इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार बमबारी जारी है, जिसके चलते संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, कतर, ईरान और लेबनान अब सुरक्षा खतरों का सामना कर रहे हैं। तेल और गैस के बड़े क्षेत्र पर हमलों के कारण आम लोगों में डर और चिंता बढ़ गई है।
तेज होते हमलों के बीच मंगलवार को यूएई के पूर्वी तट पर स्थित फुजैराह में एक तेल टैंक फार्म में आग लग गई। यह आग ड्रोन हमले के कारण लगी थी। अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ। आग को जल्द से जल्द बुझाने के लिए दमकल और सुरक्षा बल काम कर रहे हैं।
यूएई ने कुछ समय के लिए बंद किया एयरस्पेस
इसी घटना के बाद यूएई की सेना ने बड़ा कदम उठाते हुए अपनी वायुमार्ग (एयरस्पेस) कुछ समय के लिए बंद कर दी। उन्होंने कहा कि वे ईरान से मिसाइल और ड्रोन खतरों का जवाब दे रहे हैं। बाद में एयरस्पेस को फिर से खोल दिया गया।
दुबई में मिसाइल अलर्ट
यूएई के दुबई में भी मिसाइल चेतावनी भेजी गई। लोगों को तुरंत सुरक्षा के उपाय अपनाने के लिए अलर्ट किया गया।
तेहरान में रात भर धमाके और बारिश
दूसरी ओर ईरान की राजधानी तेहरान में भी मंगलवार रात धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यह हमला भारी बारिश और तूफ़ान के बीच हुआ। लोग डर गए और कई जगहों पर लोग अपने घरों में छिप गए।
सऊदी अरब ने 12 ड्रोन हवा में रोका
सऊदी अरब की रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने पूर्वी प्रांत में आने वाले लगभग 12 ड्रोन को रोक लिया। यह क्षेत्र तेल और गैस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ड्रोन हमला रोककर उन्होंने बड़े नुकसान को टाल दिया।
कतर में मिसाइल हमला और आग
कतर में भी मिसाइल हमले की खबर आई। वहां की रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने मिसाइल को इंटरसेप्ट (रोक) किया, लेकिन एक औद्योगिक इलाके में आग लग गई। लोग दोहा में धमाके सुनकर डर गए।
युद्ध और संघर्ष का प्रभाव
इस पूरे क्षेत्र में संघर्ष बहुत गंभीर रूप ले चुका है।
-
ईरान में लगभग 1,300 लोग मारे गए।
-
लेबनान में 850 से ज्यादा लोग मारे गए।
-
इस्राइल में 12 लोग मरे।
-
अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए और लगभग 200 घायल हुए।
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कई देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में मदद करने का वादा किया है, लेकिन कुछ देशों ने सहयोग में देरी दिखाई।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तेल और गैस का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग पर हमले और खतरे के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों पर असर पड़ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि पश्चिम एशिया का तनाव लगातार बढ़ रहा है। ड्रोन और मिसाइल हमले आम लोगों के लिए डर पैदा कर रहे हैं और तेल-गैस क्षेत्र पर सुरक्षा के गंभीर खतरे बन रहे हैं।











