बिहार की पांच राजयसभा सीटों पर सोमवार (16 मार्च, 2026) को हुए मतदान में सभी एनडीए प्रत्याशियों की जीत हुई है. महागठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने खरीद-फरोक्त की है. इस बीच विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी की प्रतिक्रिया आई है.
मुकेश सहनी ने कहा कि इस चुनाव में महागठबंधन के पास आवश्यक 41 से ज्यादा वोट थे, लेकिन बीजेपी ने पैसे और सत्ता के बल पर महागठबंधन के चार विधायकों को वोट देने से रोक दिया. उन्होंने पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बीजेपी को न लोकतंत्र पर भरोसा है, न वह संविधान को मानती है. उसका मकसद येन केन प्रकारेण सत्ता में बने रहना है.
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‘इसका प्रमाण आज पूरे देश को मिल गया’
वीआईपी प्रमुख ने कहा कि पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी पैसे के बल पर वोट लिया गया और एक बार फिर राज्यसभा चुनाव में अर्थतंत्र के बल पर विधायकों की खरीद की गई. जिस तरह से इस चुनाव में एनडीए द्वारा पांच उम्मीदवारों को उतारा गया था, उसी समय यह आशंका बन गई थी कि बीजेपी पैसे और सत्ता तंत्र के बल पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करेगी और आज इसका प्रमाण पूरे देश को मिल गया.
मुकेश सहनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता और एनडीए के राज्यसभा उम्मीदवार इस लोकतांत्रिक चुनाव को जीतने के लिए खरीद-फरोख्त कर रहे हैं, जो एक अपराध है. उन्होंने कहा कि बीजेपी पहले भी हमारी पार्टी के चार विधायकों को खरीद चुकी थी. उन्होंने जनप्रतिनिधियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता ने विश्वास के साथ चुना था, लेकिन अब वही लोग पैसे के लिए अपने सिद्धांत और चरित्र से समझौता कर रहे हैं, जिसे किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता है.
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