बीजपुर/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। सोनभद्र के Bijpur स्थित Dudhiya Devi Temple परिसर में आयोजित नौ दिवसीय भव्य Ramayana आधारित श्रीराम कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास Ram Mohan Das Ramayani ने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की पावन धरती और Triveni Sangam की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान राम की जन्मस्थली की भूमि से जुड़ा होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को बदलने वाली प्रेरणादायक कथा है, जो मनुष्य के हृदय में परिवर्तन लाने की शक्ति रखती है।
कथा वाचक ने बताया कि सुख और दुख मनुष्य के कर्मों पर आधारित होते हैं और अच्छे-बुरे कर्मों का फल अवश्य मिलता है। माता सती के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि असत्य के कारण उन्हें वर्षों तक कठोर तपस्या करनी पड़ी। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने गृहस्थ जीवन में आपसी विश्वास, सत्य और सदाचार के महत्व को समझाया।

दूसरे दिन कथा का मुख्य आकर्षण भगवान शिव के विवाह का प्रसंग रहा। शिव बारात के दौरान बच्चों ने भूत-प्रेत के वेश में नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे देखकर श्रद्धालु आनंदित हो उठे। पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” और “जय श्री राम” के जयघोष से गुंजायमान हो गया।
कथा के दौरान भजन—“जिसका कोई संगी साथी नहीं, उसका सहारा ईश्वर है”, “ज्योति से ज्योति जलाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो” और “तुम हमारे हो प्रभु, हम तुम्हारे हैं”—पर श्रद्धालु भावुक होकर झूम उठे। कथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नफरत के स्थान पर प्रेम और भाईचारा फैलाना ही सच्ची मानवता है तथा प्रभु का स्मरण और अटूट भक्ति ही जीवन की नैया को पार लगाती है।
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