बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की बीना परियोजना के प्रबंधक कार्यालय पर गुरुवार सुबह मूल भू-विस्थापित ग्रामीणों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन लगभग सुबह 10 बजे शुरू हुआ जिसमें जमशीला, चांदुआर, जवाहर नगर और बांसी से दर्जनों ग्रामीण शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि परियोजना से विस्थापित किए जाने के बाद भी उन्हें अब तक ओबी कंपनी राधा चेन्नई इंजीनियरिंग में रोजगार नहीं मिला, जबकि पहले दो बार आश्वासन दिया जा चुका है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल सुभम दुबे और संतोष दुबे ने कहा कि वह परियोजना के कारण अपनी जमीन से उजड़े हैं, इसलिए उन्हें रोजगार देना परियोजना प्रबंधन की जिम्मेदारी है और इसके लिए किसी अतिरिक्त परमिशन की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। ग्रामीणों की मांगों में विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर स्थायी रोजगार, पुराने आश्वासनों को लागू करने की लिखित गारंटी व आगे किसी भी विस्थापन से पहले समुचित पुनर्वास और मुआवजा देने की मांग की।
परियोजना के एसओपी पी.के. श्रीवास्तव ने प्रदर्शनकारियों से बात करते हुए कहा कि एसडीएम से मीटिंग और अनुमति के बाद ही रोजगार प्रदान किया जा सकेगा। हालांकि, काफी समझाने-बुझाने और आगामी बैठक के वादे के बाद आंदोलन को दोपहर 1 बजे समाप्त कर दिया गया। धरने में मनोज, सुरेश, जगदेव, धीरज, विनायक, अरविन्द, अशोक, रोहित, अजयेन्द्र, दीपक, अवनीश, प्रेमनारायण सहित दर्जनों विस्थापित ग्रामीण शामिल थे।
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