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Bollywood Unheard Story : प्यार कभी उम्र नहीं देखता. सच्चा प्यार तो बस हो जाता है, फिर उम्र का बंधन नहीं देखता. ऐसा ही कुछ हुआ बॉलीवुड के एक सुपरस्टार के साथ. बैडमिंटन खेल रहे थे. अचानक प्रेमिका की याद आई तो भागकर उसके घर पहुंच गए. प्रेमिका 16 साल छोटी थी. हिम्मत जुटाकर ‘आई लव यू’ बोले. महिला के जवाब ने सुपरस्टार की बिखरी हुई जिंदगी को फिर से संवार दिया. आइये जानते हैं दिलचस्प किस्सा…
पाकिस्तान के पेशावर में जन्में बॉलीवुड सुपरस्टार विनोद खन्ना को सुनील दत्त ने फिल्मों में काम करने का मौका दिया था. वह बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे. विनोद खन्ना ने शुरुआत में विलेन के किरदार निभाए. ‘मेरे अपने’ फिल्म के बाद उनकी लोकप्रियता बढ़ गई तो एक्टर बनने का मौका मिला. मौसमी चटर्जी से लेकर अरुणा ईरानी तक, उस जमाने की कई एक्ट्रेस इस बात का खुलासा कर चुकी हैं कि विनोद खन्ना रियल में बेहद हैंडसम लुक वाले एक्टर थे. विनोद खन्ना ने निजी जिंदगी में दो शादियां रचाई हैं. कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने थिएटर में काम करना शुरू कर दिया था.

गीतांजलि विनोद की पहली पत्नी थीं. दोनों की लव स्टोरी कॉलेज में शुरू हुई थी. गीतांजलि से ही उनके दो बेटे अक्षय और राहुल खन्ना पैदा हुए. एक समय ऐसा थी जब विनोद खन्ना ने एक दिन में 15 फिल्में साइन की थीं लेकिन ओशो से प्रभावित होकर उन्होंने करियर और पारिवारिक जीवन तबाह कर लिया था. विनोद ने मां की मौत के बाद 1975 में फिल्मों से संन्यास ले लिया. ओशो के साथ पुणे के आश्रम में रहने लगे. फिर अमेरिका चले गए और वहां करीब 5 साल गुजारे.

विनोद खन्ना जब वापस इंडिया लौटे तो उनका परिवार बिखर गया. पत्नी गीतांजलि ने उन्हें तलाक दे दिया. विनोद खन्ना ने खुद को संभाला और 1987 में ‘इंसाफ’ फिल्म से फिर से बॉलीवुड में एंट्री ली. विनोद खन्ना की जिंदगी बिखर गई थी. उन्हें एक सच्चे प्यार की तलाश थी. इसी बीच 1988 में एक पार्टी में उनकी मुलाकात कविता दफ्तरी से हुई.

कविता विनोद से 16 साल छोटी थीं. विनोद खन्ना को पहली नजर में ही कविता से प्यार हो गया. उन्होंने दोस्तों की मदद से उनका फोन नंबर तलाशा. जल्द ही दोनों की फोन पर बात होने लगी. फिर एक दिन विनोद बैडमिंटन खेल रहे थे. अचानक कविता की याद आई तो पसीने में लथपथ सीधे कविता के घर पहुंच गए और शादी के लिए प्रपोज कर दिया. कविता ने भी तुरंत हामी भर दी.

विनोद खन्ना की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो 1975 में आई फिल्म’हाथ की सफाई’ फिल्म के लिए उन्हें करियर का पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. 1980 में रिलीज हुई ‘कुर्बानी’ फिल्म ने उन्हें सुपरस्टार बनने के करीब पहुंचाया. यह फिल्म उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी. 1980-81 में विनोद खन्ना अमिताभ बच्चन को सीधे टक्कर देने लगे थे. इस दौरान वह सबसे ज्यादा फीस पाने वाले एक्टर थे. विनोद खन्ना के आखिरी दिनों में ‘वॉन्टेड’, ‘दबंग’ और ‘दबंग 2’ जैसी फिल्मों में काम किया. इन तीनों फिल्मों में उन्होंने सलमान के पिता की भूमिका निभाई.

विनोद खन्ना जब बॉलीवुड में कमबैक नहीं कर कर पाए तो 1997 में बीजेपी के मेंबर बन गए. राजनीति में उतरने के बाद ही एक्टिंग से जुड़े रहे. 27 अप्रैल 2017 को 71 साल की उम्र में ब्लैडर कैंसर से विनोद खन्ना का निधन हो गया था. उन्हें मरणोपरांत दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया था. उन्होंने गुरदासपुर पंजाब से कई बार लोकसभा का चुनाव भी लड़ा. 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने एफिडेविट में अपनी कुल प्रॉपर्टी 66.92 करोड़ रुपए बताई थी.
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