प्रयागराज माघ मेले विवाद के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और सत्ता पक्ष के बीच जमकर जुबानी जंग देखने को मिली. देश के धर्माचार्यों का एक पक्ष उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में खुलकर खड़ा है उनके खिलाफ एक शब्द भी सुनने के लिए तैयार नहीं है. दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी नेताओं के साथ-साथ अलग-अलग धर्माचार्य ने प्रयागराज माघ मेले मामले में जांच से लेकर न्याय की बात कही है. अब अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी और आचार्य प्रमोद कृष्णन ने खुलकर योगी आदित्यनाथ का समर्थन किया है. इसके बाद एबीपी न्यूज़ से बातचीत में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान दिया है.
‘शंकराचार्य के मठ पर भाई और कसाई नाम से बोर्ड लगेगा’
एबीपी न्यूज़ से बातचीत के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “यह बिल्कुल ठीक है. अब लोग अपना अपना पक्ष रखने लगे हैं. अगर वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन करते हैं तो इससे हमें तकलीफ नहीं है. जो भी लोग उनका समर्थन करते हैं, उसे हमें कोई एतराज नहीं है लेकिन हम अपनी बात पर अभी भी कायम है कि हम गौ माता की रक्षा को लेकर धर्म युद्ध लड़ रहे हैं. अब हमें इन बयानों के बारे में जैसे ही जानकारी मिल रही है, हमने यह फैसला लिया है कि अपने मठ पर हम एक बोर्ड लगाएंगे जिसमें दो श्रेणी होगी. एक में गौ माता को मां मानने वाला हमारा भाई होगा और दूसरा न मानने वाला कसाई होगा.”
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने अपना विचार बताना शुरू कर दिया है. इसका मतलब उनकी प्रकृति वैसी ही है. भविष्य में उनके साथ व्यवहार जनता तय करेगी.
‘अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने वाला व्यक्ति कमजोर होता है’
सदन में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “अपने यहां कहावत है कि अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना.” उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने मुख से अपनी प्रशंसा करने करने लग जाए तो समझे वह बहुत कमजोर है. अगर कार्य किए होते तो उन्हें खुद अपने मुख से अपनी प्रशंसा नहीं करनी पड़ती.
शंकराचार्य ने कहा, “हम तंज नहीं कसते. हम तो धर्म युद्ध के लिए बाढ़ चला रहे हैं. योगी आदित्यनाथ का परलोक ना बिगड़े इस भावना से हम भिड़े हुए हैं. इसलिए उनका अच्छा चाहते हैं ताकि जो गलतियां उनसे हो रही हैं, वह दूर हो जाएं, जब तक वह हैं. साधु-महात्मा की तरह यशस्वी बने. जब वह शरीर छोड़कर परलोक में जाए तो उन्हें नरक न जाना पड़े. हमारा उद्देश्य यही है.”
‘डिप्टी सीएम के बटुक पूजन से प्रकरण समाप्त नहीं’
क्या बृजेश पाठक के बटुक पूजन से आपके बटुक शिष्य ने सत्ता पक्ष को माफ कर दिया, इस पर शंकराचार्य ने कहा कि यह प्रकरण समाप्त हो गया, यह परिणाम निकाल लेना बिल्कुल उचित नहीं. यह प्रकरण समाप्त हो गया ऐसा नहीं है.












