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Bollywood Actor Uncommon Life: एक्टर का डेब्यू बड़ा नायकीय था. डायरेक्टर ने जब उन्हें गर्लफ्रेंड और फिल्म में से किसी एक को चुनने के लिए कहा, तो उन्होंने गर्लफ्रेंड को चुना. वे आगे चलकर रोमांटिक हीरो के रूप में मशहूर हुए, लेकिन जब उनका करियर डगमगाने लगा, तो विलेन बनकर अपनी एक्टिंग से सबका दिल मोह लिया. वे आज 16 अगस्त को अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं.
नई दिल्ली: काजोल के साथ एक्टर को डेब्यू का मौका मिला, लेकिन निर्देशक ने उनको गर्लफ्रेंड और फिल्म में से किसी एक को चुनने का अल्टीमेटम दिया. एक्टर ने ‘धर्मसंकट’ की घड़ी में गर्लफ्रेंड को चुना. नतीजतन, उनके करियर की शुरुआत नाटकीय रही, लेकिन आगे चलकर वे रोमांटिक हीरो के रोल में हिट हुए. जब उनका करियर डगमगाने लगा, तो उन्होंने विलेन के रोल निभाकर वाहवाही लूटी.(फोटो साभार: IMDb)

एक्टर ने न केवल अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीता, बल्कि जिंदगी के उतार-चढ़ाव से भी सुर्खियां बटोरीं. हम बॉलीवुड के ‘छोटे नवाब’ की बात कर रहे हैं, जिनका नाम सुनते ही शाही अंदाज और बेमिसाल एक्टर की तस्वीर उभरती है. 16 अगस्त को सैफ अली खान का 55वां जन्मदिन है. (फोटो साभार: IMDb)

पटौदी खानदान से ताल्लुक रखने वाले सैफ अली खान ने एक इंटरव्यू में एक्टिंग करियर में आने वाले स्ट्रगल के साथ ही पहली फिल्म से बाहर किए जाने का किस्सा भी सुनाया था. सैफ अली खान ने बताया था कि उन्हें उनकी पहली फिल्म ‘बेखुदी’ (1992) से उन्हें निकाल दिया गया था.(फोटो साभार: IMDb)

सैफ का फिल्मी करियर 1993 में यश चोपड़ा की फिल्म ‘परंपरा’ से शुरू हुआ, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही. इससे पहले, वह राहुल रवैल की फिल्म ‘बेखुदी’ में काजोल के साथ डेब्यू करने वाले थे. सैफ ने बताया था कि निर्देशक ने उनसे स्पष्ट कहा था, ‘गर्लफ्रेंड छोड़ो या फिल्म छोड़ो.’ हालांकि, सैफ ने फिल्म को छोड़ दिया और गर्लफ्रेंड को चुना, यह घटना उनके करियर की शुरुआत में एक बड़े झटके की तरह थी. (फोटो साभार: IMDb)

सैफ अली खान का जन्म 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में हुआ था. वह एक शाही और सिनेमाई परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान थे और मां शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री. सैफ ने अपनी पढ़ाई लॉरेंस स्कूल, सनावर और बाद में यूके के लॉकर पार्क स्कूल और विनचेस्टर कॉलेज में की. हालांकि, उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वह पढ़ाई में ज्यादा रुचि नहीं रखते थे. (फोटो साभार: IMDb)

सैफ के अभिनय का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा. साल 1990 के दशक में सैफ का करियर कई असफल फिल्मों जैसे ‘आशिक आवारा’ और ‘पहचान’ के साथ डगमगाया. लेकिन, 1994 में ‘ये दिल्लगी’ और ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ ने उन्हें एक खास पहचान दिलाई.(फोटो साभार: IMDb)

साल 1999 में ‘कच्चे धागे’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ ने सैफ के करियर को नई दिशा दी. साल 2001 में आई ‘दिल चाहता है’, फिर 2003 में ‘कल हो ना हो’ और साल 2004 में आई ‘हम तुम’ ने उन्हें रोमांटिक हीरो के रूप में स्थापित किया, जिसमें ‘हम तुम’ के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला. (फोटो साभार: IMDb)

सैफ की इन फिल्मों से परे साल 2006 में ‘ओमकारा’ आई, जिसमें उनके निगेटिव किरदार लंगड़ा त्यागी काफी मशहूर हुआ. सैफ की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही. उन्होंने साल 1991 में अभिनेत्री अमृता सिंह से शादी की, जिनसे उनकी बेटी सारा और बेटा इब्राहिम हैं. हालांकि, यह शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी और साल 2004 में दोनों का तलाक हो गया. इसके बाद, 2012 में सैफ ने करीना कपूर से शादी की, और उनके दो बेटे तैमूर और जहांगीर हैं.(फोटो साभार: IMDb)
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