नई दिल्ली. रमेश सिप्पी की फिल्म ‘शोले हिंदी सिनेमा की वो फिल्म है, जो दूसरी 50 सालों तक बन नहीं सकी. ‘शोले’ को रिलीज हुए 50 साल हो चुके हैं. मल्टीस्टारर इस फिल्म में हर किरदार खास था, जय-वीरू की जोड़ी, बसंती के नखरे, गब्बर का डर और ठाकुर का बदला… सब इस फिल्म में सिर्फ 3 घंटे 20 मिनट में नजर आया. पिल्म ने जो करिश्मा बॉक्स ऑफिस पर किया वो आजतक कोई तोड़ नहीं पाया है. ये फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है, लेकिन फिल्म के हीरो रहे धर्मेंद्र का ऐसा मानना नहीं है. ‘शोले’ उनके करियर की सबसे सफल फिल्म है, लेकिन ऑल टाइम फेवरेट नहीं.
धर्मेंद्र ने हाल ही में इस बारे में बात की. शोले के 50 साल पूरे होने के मौके पर हाल ही में धर्मेंद्र ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बात की और अपनी फेवरेट फिल्म का नाम बताया. धर्मेंद्र ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ‘शोले’ इतनी बड़ी हिट साबित होगी.
सोचा नहीं था ‘शोले’ साबित होगी मील का पत्थर
धर्मेंद्र ने इस बातचीत ‘शोले’ की अपार सफलता को लेकर बात की. बॉलीवुड के ही-मैन ने कहा- ‘बेशक हमने ‘शोले’ के लिए बहुत मेहनत की, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि ये मेरे करियर के लिए मील का पत्थर साबित होगी. हमने बेंगलुरु के बाहरी इलाके में इसकी शूटिंग की, जो बहुत थका देने वाली थी. आस-पास कोई होटल भी नहीं था, इसलिए रोज 50 किलोमीटर दूर लोकेशन पर जाना पड़ता था. लेकिन, बहुत मजा आया, बहुत सी यादें हैं. हेमा भी मेरे साथ थीं. जया उस दौरान प्रेग्नेंट थीं.’
कैसे थे संजीव कुमार
इस दौरान उन्होंने अपने को-स्टार रहे संजीव कुमार की भी बात की. संजीव कुमार को असाधारण बताते हुए उन्होंने कहा- क्या इंसान और क्या एक्टर वो हर मामले में असाधारण थे. धर्मेंद्र ने याद करते हुए कहा कि मुझे उनके साथ एक और असाधारण फिल्म ‘सत्यकाम’ में काम करने का सौभाग्य मिला, जिसमें हमने दोस्तों की भूमिका निभाई थी.
दुलाल गुहा ने फिल्म को डायरेक्ट किया था.
शोले से ज्यादा पसंद है ये फिल्म
धर्मेंद्र बातचीत में आगे कहते हैं, ‘मैं एक बात बताता हूं. 1975 में, ‘शोले’ से ठीक दो महीने पहले, मेरी एक और रिलीज हुई थी, जिसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा है. मुझे दुलाल गुहा की प्रतिज्ञा सबसे ज्यादा पसंद है क्योंकि यह वास्तव में कठिन भूमिका थी. मुझे एक ट्रक ड्राइवर की भूमिका निभानी थी. जो एक पुलिस वाले का भेष धारण करता है. ये किसी रोल के अंदर एक और रोल निभाने जैसा था.इसमें ढेर सारे इमोशंस, ड्रामा था. उसमें भावनाओं का एक गहरा प्रवाह था. ‘शोले’, ‘सत्यकाम’ मेरी पसंदीदा फिल्मों में से हैं, लेकिन प्रतिज्ञा मेरी सबसे पसंदीदा है.
OTT पर है फिल्म ‘प्रतिज्ञा’
‘शोले’ से टक्कर के बावजूद ‘प्रतिज्ञा’ सुपरहिट थी. उन्होंने आगे कहा- ‘बिल्कुल 1971 की तरह, ‘जब मेरा गांव मेरा देश’ जैसी ब्लॉकबस्टर के बावजूद ‘नया जमाना’ सफल रही. वे बहुत अलग फिल्में थीं. मुझे ‘नया जमाना’ बहुत पसंद है क्योंकि यह बंगाली साहित्य पर आधारित थी. फिल्म में खूबसूरत डायलॉग्स थे. फिल्म ‘प्रतिज्ञा’ की बात करें तो ये फिल्म 1975 में ही रिलीज हुई थी. फिल्म का रनटाइम 2 घंटे 20 मिनट का है. इस फिल्म का आईएमबीडी रेटिंग 7.6 हैं. इस फिल्म में धर्मेंद्र के साथ अजीत, हेमी मालिनी, अजीत देओल, जगदीप जैसे सितारे नजर आए थे. फिल्म को आप ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन पर देख सकते हैं.