बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। शक्तिनगर क्षेत्र की चर्चित कलिंगा कंपनी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। ताज़ा घटनाक्रम में कंपनी में कार्यरत सैकड़ों मजदूरों को काम से निकाल दिया गया है और सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में और भी मजदूरों को बेरोजगार किया जा सकता है। इस कार्रवाई से मजदूरों में नाराज़गी और आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशांत श्रीवास्तव सहित कई एचआर अधिकारियों को अचानक हटा दिया गया। बताया जाता है कि इसी दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों की लेन-देन से जुड़े कई गंभीर मामलों में मुकदमे भी दर्ज हुए थे। क्षेत्र में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि सफेदपोश नेताओं और बिचौलियों ने कोटा बांटकर नौकरियां बेचीं, जिसके चलते गरीब मजदूरों को भारी-भरकम रकम चुकानी पड़ी।
इस दौरान नौकरी के एवज में पैसों के लेन-देन से संबंधित कई ऑडियो भी वायरल हुए थे, हालांकि उनकी पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हो पाई। बावजूद इसके क्षेत्र में नौकरी बेचने के खेल ने बड़ा रूप ले लिया और कई लोगों की जेबें भर गईं।
अब जब कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर और एचआर टीम को हटाया गया तो सफेदपोश की मेहरबानी से लगे मजदूरों को तानाशाही ढंग से बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, मजदूरों से 22 ड्यूटी को लेकर स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए और इसके बाद सैकड़ों मजदूरों की मजदूरी रोक दी गई।
नाराज मजदूर अब दोबारा नौकरी दिलाने के नाम पर दिए गए पैसों और इसमें शामिल व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक करने की तैयारी में हैं। इस पूरे घटनाक्रम से कलिंगा कंपनी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।
गौरतलब है कि हटाए गए प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशांत श्रीवास्तव ने कैमरे के सामने खुलकर स्वीकार किया कि नौकरी दिलाने के नाम पर लेन-देन की घटनाएं क्षेत्र में आम हो चुकी हैं। इस बयान ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है। अब देखना यह होगा कि मजदूरों की इस ज्वलंत समस्या पर कंपनी प्रबंधन और प्रशासन क्या रुख अपनाते हैं।
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