मुंबई में गुरुवार सुबह बारिश से राहत मिली। इस दौरान शहर के कुछ हिस्सों में लगभग एक हफ्ते बाद धूप खिली। बुधवार से महानगर में बारिश में काफी कमी आई है और रात में कोई बारिश नहीं हुई। इससे पहले बुधवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की मुंबई इकाई ने मध्यम बारिश का अनुमान लगाते हुए शहर के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया था।
इस बीच यवतमाल जिले के दारव्हा शहर में बुधवार को रेलवे फ्लाईओवर के लिए बनाए जा रहे पानी से भरे गड्ढे में 10 से 14 साल की उम्र के चार बच्चे डूब गए। पुलिस ने बताया कि बच्चे दारव्हा रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास खेल रहे थे, जहां खंभे लगाने के लिए एक बड़ा गड्ढा खोदा गया था। मृतकों की पहचान रिहान असलम खान, गोलू पांडुरंग नारनवरे, सौम्या सतीश खड़सन और वैभव आशीष बोथले के रूप में हुई है।

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मुंबई में बारिश ने मचाई थी तबाही
– फोटो : PTI
मध्य और पश्चिम रेलवे की उपनगरीय सेवाओं में कुछ देरी
इससे पहले कुछ यात्रियों ने मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे पर उपनगरीय सेवाओं में कुछ देरी की शिकायत की। एक अधिकारी ने बताया कि बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम की बसें सामान्य रूप से चल रही हैं।

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सड़कें और रेल पटरियां जलमग्न; उड़ानें और रेल सेवाएं बाधित थीं
इस बीच बारिश की तीव्रता कम होने लगी, जिससे जनजीवन पटरी पर लौट आया। एक दिन पहले ही भारी बारिश ने आर्थिक राजधानी में तबाही जैसे हालात बना दिए थे। इससे सड़कें और रेल पटरियां जलमग्न हो गई थीं। उड़ानें और रेल सेवाएं बाधित हुई थीं।

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स्कूल और कॉलेज खुल गए
मध्य रेलवे की हार्बर लाइन (सीएसएमटी-पनवेल मार्ग) पर लोकल ट्रेन सेवाएं 15 घंटे की रुकावट के बाद बुधवार सुबह 3 बजे से फिर से शुरू हो गईं, जिससे यात्रियों को राहत मिली। वहीं, बारिश के कारण हुई छुट्टी के बाद स्कूल और कॉलेज खुल गए।

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मोनोरेल ट्रेनें स्टेशनों के बीच फंस गई थीं
इससे पहले मंगलवार शाम को मूसलाधार बारिश के बीच मुंबई में एलिवेटेड ट्रैक पर दो भीड़भाड़ वाली मोनोरेल ट्रेनें स्टेशनों के बीच फंस गईं, जिसके बाद 782 यात्रियों को बचाया गया।
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