Last Updated:
Bollywood Classic Movie Facts : भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद 1971 में जंग छिड़ गई थी. युद्ध खत्म होने के बाद 1972 की शुरुआत में जनवरी माह में बॉलीवुड के रुपहले पर्दे पर एक ऐसी फिल्म आई जिसने इतिहास रच दिया. फिल्म के गाने अमर हो गए. फिल्म का एक डायलॉग इतना फेमस हुआ कि वह ऑल टाइम क्लासिक बन गया. यहां तक कि नई पीढ़ी को भी यह डायलॉग बेहद पसंद है. फिल्म ने तीन अवार्ड भी जीते थे. आज इस फिल्म की गिनती क्लासिक फिल्म में होती है.
बॉलीवुड में 1970 का शुरुताती दशक राजेश खन्ना के नाम रहा. शर्मिला टैगोर, शक्ति सामंत और राजेश खन्ना की तिकड़ी ने उस जमाने में एक से बढ़कर एक सफल फिल्में दीं. 1969 में आराधना की अपार सफलता के बाद शक्ति सामंत 1972 में एक और फिल्म लेकर आए थे जिसका नाम था अमर प्रेम. शक्ति सामंत ही फिल्म मे निर्माता-निर्देशक थे. यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद रिलीज हुई थी. फिल्म सिल्वर जुबली हिट रही थी.

फिल्म की कहानी विभूति भूषण बंधोपाध्याय ने लिखी थी. स्क्रीनप्ले अरविंद मुखर्जी ने लिखा था. फिल्म के डायलॉग रमेश पंत ने लिखे थे. फिल्म की कहानी 1970 में आई बंगाली मूवी ‘निशि पदमा’ से प्रेरित थी. ‘निशि पदमा’ में उत्तम कुमार और सावित्री चटर्जी ने काम किया था. शक्ति सामंत ने फिल्म के राइट्स खरीदकर इसे हिंदी में बनाने का फैसला किया.

राजेश खन्ना ने आनंद बाबू का रोल निभाया था. पहले किरदार का नाम उत्तर कुमार था, लेकिन राजेश खन्ना को यह पसंद नहीं आया और उन्होंने बदलकर आनंद बाबू कर लिया था. आनंद बाबू का किरदार अपने जेहन में उतारने के लिए राजेश खन्ना ने निशिपदमा’ 24 बार देखी थी. बंगाली राइटर अरविंद मुखर्जी को हिंदी नहीं आती थी. उन्होंने अमर प्रेम की स्क्रिप्ट अंग्रेजी में लिखी थी, जिसका हिंदी में अनुवाद रमेश पंत ने किया था. मां बनने के बाद शर्मिला टैगोर की यह पहली फिल्म थी.

शर्मिला ने जब स्क्रिप्ट सुनी तो उन्हें पुष्पा का किरदार आइकोनिक फिल्म ‘मदर इंडिया’ जैसा ही लगा, इसलिए उन्होंने जल्द ही हामी भर दी. राजेश खन्ना आराधना, कटी पतंग के बाद सुपरस्टार बन चुके थे. ऐसे में उन्हें लगा कि राजेश अब फीमेल कैरेक्टर की प्रधानता वाली फिल्म नहीं करेंगे. शक्ति सामंत राज कुमार के पास गए और उन्हें साइन कर लिया. जब राजेश खन्ना को इसकी भनक लगी तो वह भागकर शक्ति सामंत के ऑफिस पहुंचे और फिल्म में काम करने की इच्छा जताई. शक्ति दा ने राजेश खन्ना से कहा कि ‘आपकी डायरी डेट्स से भरी हुई है. मेरे फिल्म के लिए टाइम कहां से देंगे.’ तब राजेश खन्ना ने दूसरों फिल्मों की शूटिंग के साथ-साथ चार घंटे ‘अमर प्रेम’ को देने का वादा किया.

राजेश खन्ना ‘आनंद बाबू’ के रोल की तैयारी के लिए कोलकाता गए थे और उत्तम कुमार के घर पर कई दिन ठहरे थे. फिल्म की शूटिंग मुंबई के नटराज स्टूडियो में हुई थी. आई हेट टीयर्स पुष्पा फिल्म का ऑल टाइम क्लासिक डायलॉग बन गया. यहां तक कि नई पीढ़ी को यह डायलॉग बेहद पसंद है.

फिल्म के एक मशहूर गाने ‘चिंगारी कोई भड़के…’ से जुड़ा भी एक दिलचस्प किस्सा है. दरअसल, फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी थी. ऐसे में शक्ति दा ने यह गाना सुना. गाना सुनने के बाद उन्हें लगा कि यह सॉन्ग फिल्म में होना चाहिए. तब सिएचुशन क्रिएट करके यह गाना जोड़ा गया. बाद में इस गाने ने इतिहास रच दिया. फिल्म का म्यूजिक आरडी बर्मन ने दिया था.

फिल्म का एक गाना ‘डोली में बैठाइके कहार….’ को आवाज मशहूर संगीतकार एसडी बर्मन ने दी थी. फिल्म के गानों में राजेश खन्ना ने अपनी आवाज का जादू एक अलग ही अंदाज में बिखेरा था. फिल्म के गाने आनंद बख्शी ने लिखे थे. फिल्म की सिचुएशन के हिसाब से उन्होंने जादुई गीत लिखे थे. फिल्म का म्यूजिक अमर हो गया. इस म्यूजिक को तैयार करने के लिए आरडी बर्मन ने खास मेहनत की थी. वो सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम करते थे.

शर्मिला ने जब स्क्रिप्ट सुनी तो उन्हें पुष्पा का किरदार आइकोनिक फिल्म ‘मदर इंडिया’ जैसा ही लगा, इसलिए उन्होंने जल्द ही हामी भर दी. राजेश खन्ना आराधना, कटी पतंग के बाद सुपरस्टार बन चुके थे. ऐसे में उन्हें लगा कि राजेश अब फीमेल कैरेक्टर की प्रधानता वाली फिल्म नहीं करेंगे. शक्ति सामंत राज कुमार के पास गए और उन्हें साइन कर लिया. जब राजेश खन्ना को इसकी भनक लगी तो वह भागकर शक्ति सामंत के ऑफिस पहुंचे और फिल्म में काम करने की इच्छा जताई. शक्ति दा ने राजेश खन्ना से कहा कि ‘आपकी डायरी डेट्स से भरी हुई है. मेरे फिल्म के लिए टाइम कहां से देंगे.’ तब राजेश खन्ना ने दूसरों फिल्मों की शूटिंग के साथ-साथ चार घंटे ‘अमर प्रेम’ को देने का वादा किया.

1971 में फिल्म की रिलीज से पहले एक स्पेशल शो दिल्ली में रखा गया था लेकिन अगले ही भारत-पाक युद्ध शुरू हो गया. बाद में यह फिल्म जनवरी 1972 में रिलीज की गई. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. फिल्म के गाने, म्यूजिक, डायलॉग हमेशा के लिए अमर हो गए.