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इस हीरो के पास पहले महल जैसा घर और सौ एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन थी. लेकिन अब? कौन है वह एक्टर?
80 के दशक के अंत में तमिल सिनेमा में एंट्री लेने वाले एक्टर रामकी (पूरा नाम रामकृष्णन) आज भी दर्शकों को याद हैं. उन्होंने 1987 में रॉबर्ट-राजशेखर की फिल्म ‘चिन्ना पूवे मेला पेसु’ से डेब्यू किया था.

इसके बाद ‘सेंधूर पूवे’ (1988), ‘मरुधु पांडी’ (1990), ‘इनाइंधा काईगल’ (1990), ‘आत्मा’ (1993), ‘करुप्पु रोजा’ (1996) जैसी सफल फिल्मों में अभिनय किया. तमिल के अलावा तेलुगु फिल्मों में भी काम किया. एक समय में महिलाओं के सपनों के राजकुमार थे रामकी.

लगातार सफल फिल्मों में अभिनय करने के बाद उन्होंने 2004 के बाद अभिनय से थोड़ा ब्रेक लिया. फिर 2013 में सहायक अभिनेता के रूप में ‘मासानी’, ‘बिरयानी’ जैसी फिल्मों में अभिनय करके फिर से अपने सिनेमा करियर को सक्रिय रखा. हाल ही में रामकी ने ‘लकी भास्कर’ फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली.

इस बीच रामकी की एक और कहानी सामने आई है. वह उनकी जन्मभूमि की कहानी है. रामकी का जन्म और पालन-पोषण विरुधुनगर जिले के सत्तूर के पास स्थित संकरनाथम गांव में हुआ. उस गांव में सबसे अमीर परिवार रामकी का ही था. उनके पिता पुलिस अधिकारी थे. पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद उनके पिता पंचायत अध्यक्ष बने.

रामकी के परिवार में सभी लोग अच्छी पढ़ाई करने वाले थे. लेकिन रामकी को पढ़ाई में बिल्कुल रुचि नहीं थी. इस कारण उनके पिता ने उन्हें पढ़ाई में असफल मानकर छोड़ दिया, जैसा कि उन्होंने एक बार कहा था. पढ़ाई में असफल होने के बावजूद, रामकी को सिनेमा में बहुत रुचि थी.

इसलिए, सिनेमा में अभिनय करने के लिए घर छोड़कर गए और हीरो बनने के बाद ही घर लौटे. तब तक, लगभग 7 साल तक रामकी अपने घर नहीं गए थे. रामकी के 6 भाई-बहन हैं. उनकी बहनें डॉक्टर हैं. उनके एक भाई विदेश में बस गए हैं.

रामकी के परिवार के पास पहले महल जैसा घर था. पूरी तरह से पत्थरों से बना वह घर अब टूटकर खंडहर बन चुका है. उसी तरह, उस परिवार के पास गांव में लगभग 100 एकड़ से ज्यादा जमीन थी. अब वह सारी जमीन बेचकर रामकी का परिवार गांव छोड़कर अन्य शहरों में बस गया है, ऐसा गांव के लोग कहते हैं.

कुछ साल पहले रामकी अपनी पत्नी और एक्ट्रेस निरोशा को लेकर अपने गांव गए थे और वहां के लोगों से मिले थे. वर्तमान में रामकी के परिवार के पास गांव में केवल वह खंडहर घर ही बचा है.

गांव के लोग कहते हैं कि वे सभी मदुरै, चेन्नई और विदेशों में घर खरीदकर बस गए हैं. कुछ साल पहले रामकी अपनी पत्नी और एक्ट्रेस निरोशा के साथ अपने गाँव लौटे थे और लोगों से मिले. हालांकि अब परिवार गांव में नहीं रहता. आज भले ही आर्थिक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा हो, लेकिन अपनी दूसरी पारी में रामकी फिर से फिल्मों में अच्छा काम कर रहे हैं और दर्शकों का प्यार पा रहे हैं.
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