भारत में बनी विदेशी शराब (आईएमएफएल) की बिक्री में दक्षिणी राज्यों का दबदबा है। उद्योग निकाय सीआईएबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2024-25 में देश में कुल आईएमएफएल बिक्री में दक्षिण भारत की 58 फीसदी हिस्सेदारी रही। वित्त वर्ष 2025 में अखिल भारतीय व्हिस्की बिक्री में 17 फीसदी का योगदान देकर कर्नाटक शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
पांच दक्षिणी राज्यों- आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष में 23.18 करोड़ पेटी (संयुक्त रूप से 58 फीसदी बिक्री का योगदान) की खपत करते हुए, भारत में बनी विदेशी शराब (आईएमएफएल) की बिक्री में अपना दबदबा बनाए रखा है।
देश के बाकी हिस्से की हिस्सेदारी केवल 42 फीसदी
सीआईएबीसी के अनुसार, दक्षिण भारत का आईएमएफएल बाजार पर लगभग पूरी तरह से कब्जा है, जबकि देश के बाकी हिस्से की हिस्सेदारी केवल 42 फीसदी है। हालांकि, पूरे देश में आईएमएफएल व्हिस्की की बिक्री में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो अब 40.17 करोड़ पेटी पर आ गई है। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 39.62 करोड़ पेटी थी।
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चुनाव और शराब नीति के कारण बिक्री पर पड़ा असर
सीआईएबीसी के महानिदेशक अनंत एस अय्यर ने बताया, वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही चुनाव और कुछ राज्यों की शराब नीति के कारण कमजोर रही, जिससे बिक्री धीमी रही। अय्यर ने कहा, ‘हम लगातार राज्य सरकारों के संपर्क में हैं और इन उत्पाद शुल्क नीति से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत करा रहे हैं। हर साल, हम राज्य शुल्कों में उल्लेखनीय वृद्धि और नीतिगत बदलावों को देखते हैं, जिसका असर अल्प से मध्यम अवधि में बिक्री पर पड़ता है।’
कर्नाटक 6.88 करोड़ पेटियों के साथ शीर्ष पर, तमिलनाडु का दूसरा स्थान
रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक ने 6.88 करोड़ पेटियों की बिक्री के साथ फिर से शीर्ष स्थान बनाए रखा। इसके बाद तमिलनाडु 6.7 करोड़ पेटियों के साथ दूसरे स्थान पर है, जो राष्ट्रीय बिक्री का लगभग 16 फीसदी है। वहीं, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश ने क्रमशः 3.71 करोड़ और 3.55 करोड़ पेटियों के साथ आईएमएफएल की बिक्री में लगभग 9 फीसदी का योगदान दिया। सीआईएबीसी के आंकड़ों के अनुसार, केरल 2.29 करोड़ पेटियों के साथ आईएमएफएल की बिक्री में सातवें स्थान पर रहा।
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उत्तरी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी क्षेत्र ने आईएमएफएल की बिक्री में 20 फीसदी का योगदान दिया, जहां उत्तर प्रदेश 2.50 करोड़ पेटियों के साथ शीर्ष पर रहा। राष्ट्रीय स्तर पर 6 फीसदी की वृद्धि दर के साथ उत्तर प्रदेश छठे स्थान पर रहा। इसके बाद राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा का स्थान रहा, जो क्रमशः 1.37 करोड़ पेटियों, 1.18 करोड़ पेटियों और 1.17 करोड़ पेटियों के साथ आईएमएफएल बिक्री में 9वें, 10वें और 11वें स्थान पर रहे। कुल मिलाकर, उत्तरी क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025 में आईएमएफएल बिक्री में केवल एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।












