असत्य और बुराइयों का अंतत: नाश होता ही है, अहंकारी रावण के वध के साथ एक बार रामलीला के मंचों से यही संदेश दिया गया। बृहस्पतिवार रात को रंगारंग आतिशबाजी के बीच श्रीराम ने अंतिम तीर चलाया और देखते-देखते हुए रावण का विशालकाय पुतला जलकर खाक हो गया। इससे पहले कुंभकरण और मेघनाद भी मारे गए। रावण के मारे जाते ही आकाश श्रीराम की जयघोष से गूंजने लगा।
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हार्टमैन मैदान में रामलीला देखने उमड़ी भीड़
– फोटो : अमर उजाला
बरेली के हार्टमन मैदान पर चल रही उत्तर भारत की सबसे पुरानी 45वीं रामलीला में बहस्पतिवार को विजयदशमी पर खूब भीड़ उमड़ी। शाम ढलते ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। जैसे जैसे दिन ढलता गया मेले को चहल पहल बढ़ती गई। मेले में रावण दहन से पहले अयोध्या से आई टोली ने श्रीराम व रावण के बीच युद्ध का मंचन किया।
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रावण वध का मंचन
– फोटो : अमर उजाला
मंचन में दिखाया गया कि भगवान राम तीर चलाते रहे लेकिन रावण पर सभी बेअसर रहे। विभीषण ने रावण के अमरत्व का रहस्य बताया। इसके बाद राम ने मंत्रोच्चारण करके बाण चलाया तो रावण चीत्कार करते हुए धराशायी हो होया। कार्यक्रम में सांसद छत्रपाल गंगवार वनमंत्री डॉ. अरुण कुमार, महापौर उमेश गौतम, भाजय के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्ग विजय सिंह शाक्य आदि मौजूद रहे।
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सुभाषनगर रामलीला में हुआ पुतला दहन
– फोटो : अमर उजाला
तीर लगते ही धू-धू कर जला रावण का पुतला
सुभाषनगर में चल रही रामलीला में बृहस्पतिवार को श्रीराम, लक्ष्मण व हनुमान आरती से मेले का शुरुआत की गई। इस दौरान भगवान राम व लंकापति के बीच हुए भीषण युद्ध का मंचन किया गया। युद्ध में किसी तरह से भी रावण का वध न होते देख विभीषण ने राम से उसकी नाभि पर तीर मारने के लिए कहा। नाभि पर तीर लगते ही रावण युद्ध भूमि में गिर पड़ा। उसका वध होते ही जय श्रीराम के जयकारों ने पूरा पंडाल गूंज उठा। मैदान में लगे रावण, मेघवाद, कुंभकरण के पुत्रों का दहन करने के साथ ही आतिशबाजी भी की गई।
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धूं-धूं कर जला रावण का पुतला
– फोटो : अमर उजाला
सीबीगंज में धूमधाम से मनाया 44वां दशहरा मेला आईटीआर कॉलोनी के चौक पंथा आठ में 44वां दत्तहरा मेला धूमधाम से मनाया गया। मेले का शुभारंभ सांसद छत्रपाल गंगवार ने किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है। मेले में आसपास के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। रात नौ बजे रावण के पुतले का दहन किया गया।