मंदाकिनी की नीली आंखों और मासूम अदाओं ने जब 1985 में फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में गाना ‘सुन साहिबा सुन’ गाया, तो लाखों दिलों की धड़कनें थम गईं. राज कपूर के निर्देशन में बनी इस फिल्म का यह गाना, लता मंगेशकर की मखमली आवाज और रविंद्र जैन के संगीत से सजा, प्यार की कशिश को बयां करता है. मंदाकिनी की सादगी और गाने के बोलों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. 5.22 मिनट का गाना आज भी उतना ही ताजा और रोमांटिक है. चार दशकों से यह गाना हर पीढ़ी के प्रेमियों की प्लेलिस्ट में शामिल है, जो प्यार की मासूमियत और मजबूरी को दिल छू लेने वाले अंदाज में पेश करता है.
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