26 सितंबर को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर के बुलावे पर जुटी भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव और फायरिंग की थी। इसके बाद आरोपियों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में शनिवार को डॉ. नफीस के जखीरा मोहल्ले में कसाईखाने के पास स्थित रजा पैलेस को बीडीए ने ध्वस्त कर दिया।
शाम तक बरातघर जमींदोज
किला पुलिस के साथ पीएसी की टीम ने मौके पर पहुंचकर पहले स्थिति का जायजा लिया। इसके थोड़ी देर बाद जिला प्रशासन और बीडीए की टीम चार बुलडोजरों के साथ पहुंची। बुलडोजर गरजे तो घन लेकर पहुंचे मजदूरों ने भी बरातघर के ऑफिस को गिराना शुरू कर दिया। शाम तक बरातघर जमींदोज हो गया।
डेढ़ हजार वर्गमीटर में वक्फ की जमीन पर हुआ था अवैध निर्माण
जखीरा में रजा पैलेस का अवैध निर्माण से लगभग डेढ़ हजार वर्गमीटर जमीन पर किया गया था। यह जमीन वक्फ की है, जिसके मुतवल्ली शोयेब बेग हैं। जानकारी के मुताबिक, यह हॉल शोयेब के साथ साझेदारी में बनाया गया था। बवाल के मुख्य आरोपियों में शामिल नफीस को शोयेब का रिश्तेदार बताया जा रहा है। हालांकि, किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
पांच करोड़ से अधिक की लागत, अवैध तौर पर अर्जित कमाई लगाने का अंदेशा
रजा पैलेस के जमीन की कीमत और निर्माण की लागत लगभग पांच करोड़ रुपये आंकी जा रही है। जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अवैध तौर पर अर्जित की गई कमाई को इसमें लगाया गया है। डॉ. नफीस के पास खुद की सिर्फ एक चश्मे की दुकान है। इसके अलावा जितनी भी संपत्तियां हैं, वे या तो कब्जे की हैं या वक्फ बोर्ड की हैं।
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