साल के पहले खंड चंद्र ग्रहण के मद्देनजर माता वैष्णो देवी भवन में मंगलवार की दिव्य आरती के समय में बदलाव किया गया है। ग्रहण के सूतक काल के चलते आरती तड़के चार बजे शुरू होकर सुबह छह बजे तक चलेगी।
भवन के प्रधान पुजारी गोपाल शास्त्री ने बताया कि सामान्य दिनों में सुबह की आरती छह से आठ बजे तक होती है लेकिन खंड चंद्र ग्रहण और सूतक काल के चलते इसका समय तड़के चार बजे किया गया है। चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे आरंभ होकर सायं 5:45 बजे समाप्त होगा। ग्रहण से पूर्व सूतक काल होने के कारण आरती के समय में बदलाव किया गया है।
ग्रहण के दौरान मंदिरों में मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित है लेकिन माता वैष्णो देवी के दर्शन कुछ दूरी से ही किए जाते हैं। इसलिए श्रद्धालुओं को दिव्य दर्शन में कोई बाधा नहीं आएगी। यात्रा पूर्व की भांति जारी रहेगी। भवन के कपाट खुले रहेंगे।
बिना भ्रम या आशंका के यात्रा जारी रखें
संध्या आरती शाम सात बजे आरंभ होकर रात नौ बजे संपन्न होगी। स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा में अटका आरती सामान्य दिनों की तरह संपन्न होगी। कटड़ा स्थित अन्य मंदिरों में भी आरती तड़के चार बजे होगी।
श्राइन बोर्ड एवं मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बिना किसी भ्रम या आशंका के यात्रा जारी रखें। ग्रहण के बावजूद यात्रा और दर्शन की व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित रहेगी।












