इस दौरान अमनीत ने कहा कि उनके पति को इतना प्रताड़ित किया गया कि उनके सामने सुसाइड के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा। उन्हें घुट-घुटकर मरने के लिए मजबूर किया गया। जिन्होंने ऐसा किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अमनीत कुमार से मिलने के बाद सीएम सीधे अपने निवास पर पहुंचे और डीजीपी शत्रुजीत कपूर को तलब कर लिया। इस दौरान बैठक में कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, सीआईडी चीफ सौरभ सिंह और हरियाणा के एडवोकेट जनरल प्रविंद्र सिंह चौहान भी मौजूद थे।
बैठक में डीजीपी व रोहतक के एसपी के खिलाफ दी गई शिकायत, पुरण कुमार ने सुसाइड नोट में जिन अफसरों के नाम लिखे हैं उन पर क्या कार्रवाई हो सकती है और हरियाणा सरकार इस मामले में क्या कदम उठा सकती जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
सरकार डीजीपी और रोहतक के एसपी को हटाने के लिए तैयार
बाद में अमनीत कुमार को संदेश भिजवाया गया कि सरकार डीजीपी और रोहतक के एसपी को हटाने के लिए तैयार है। मगर अमनीत पी कुमार इस पर मानने को तैयार नहीं हुई। ऐसे में सरकार अब बड़ा फैसला ले सकती है। रोहतक एसपी पर कार्रवाई के साथ डीजीपी को छुट्टी पर भेजा जा सकता है।
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