केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को दावा किया कि जहां भाजपा शासित असम में घुसपैठ रोक दी गई है, वहीं पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में यह जारी है, क्योंकि वहां की सरकार अवैध प्रवासियों का रेड कार्पेट बिछाकर उनका स्वागत कर रही है।
पटना में एक मीडिया कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा और कहा कि अब उन्होंने वोट चोरी वाले आरोप को छोड़ दिया है। शाह ने विशेष गहन निर्वाचन संशोधन (SIR) का समर्थन करते हुए कहा कि इससे घुसपैठियों को चुना जा सकेगा और यह पूरे देश में लागू होगा। शाह ने कहा कि विपक्ष को इस प्रक्रिया पर आपत्ति करना अजीब है। उन्होंने कहा कि जो लोग लुटियंस दिल्ली में बैठकर बात करते हैं, उन्हें सीमा की असलियत नहीं पता। बांग्लादेश की सीमा में घने जंगल और बड़े नदी-नाले हैं, जो मानसून में उफान पर रहते हैं। इसलिए बार-बार गश्ती करना या सीमा पर बाड़ लगाना मुश्किल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब कोई व्यक्ति पड़ोसी देश से भारत में आता है, तो स्थानीय पुलिस या पटवारी को पता होना चाहिए, लेकिन उन्हें ऊपर से आदेश मिलता है कि प्रवासियों का स्वागत करें। यही कारण है कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठ बढ़ रही है, जबकि असम में यह रोकी गई है। शाह ने पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील की कि वे अगले साल के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बाहर करें और राज्य से हर घुसपैठिए को निकालने का वादा किया।
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उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोप को लगभग छोड़ दिया है। शाह ने कहा कि शायद बिहार के लोगों की प्रतिक्रिया के बाद राहुल गांधी ने यह आरोप उठाना बंद कर दिया। इसके अलावा, शाह ने विपक्ष के उस आरोप को भी खारिज किया कि संविधान संशोधन विधेयक (130वां) का मकसद केवल उन राज्यों की सरकारों को अस्थिर करना है, जो भाजपा के नियंत्रण में नहीं हैं। शाह ने कहा कि यदि कोई मंत्री जेल में होता है, तो उसे तत्काल हटा देना कानून में नहीं है। शाह ने गांधी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अपमान करने और उस समय के एक अध्यादेश को फाड़ने का भी उल्लेख किया, जो राजनीतिक नेताओं को दोष सिद्ध होने पर अपने पद से स्वतः अयोग्य होने से रोकता था।











