बरेली के देवरनियां कस्बे में शराबी बेटे की करतूत से झुलसी मां ने शनिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतका के भाई ने इसके लिए भांजे को जिम्मेदार बताकर डांटा और उसके सिर पर डंडा मार दिया। इससे गुस्साए भांजे ने हंसिये से ताबड़तोड़ वार कर मामा की हत्या कर दी। आरोपी को रविवार को जेल भेजा गया। भाई-बहन के शवों का साथ ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मोहल्ला शाहबाद निवासी कड़ेराम ने एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा को बताया कि उनकी बहन-बहनोई पीलीभीत जिले के गांव जमनिया से आकर ढाई माह से उनके यहां रह रहे हैं। उनका भांजा सोमपाल शराबी है। मां ने शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो सोमपाल ने 26 अक्तूबर को पेट्रोल डालकर अपनी बाइक में ही आग लगा दी थी। वह पेट्रोल भरी कैन हाथ में ही पकड़े था।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
– फोटो : संवाद
कड़ेराम की बहन (सोमपाल की मां) सुशीला देवी (50) को लगा कि आग से सोमपाल न झुलस जाए। उसे बचाने में वह खुद झुलस गईं। अस्पताल में शनिवार को उनकी मौत हो गई। मामा कड़ेराम और मोतीराम बहन का शव देखने घर के पास ही प्लॉट पर जा रहे थे। रास्ते में सोमपाल मिल गया।
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मृतक मोतीराम का फाइल फोटो
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मोतीराम ने उसे डांटते हुए कहा कि उसी की वजह से सुशीला की मौत हो गई। उन्होंने गुस्से में सोमपाल के सिर पर डंडा मार दिया। तब सोमपाल के हाथ में हंसिया था। गुस्से में उसने 55 वर्षीय मोतीराम के चेहरे व गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इससे मोतीराम की मौके पर ही मौत हो गई। एसपी उत्तरी ने बताया कि आरोपी ने अपराध कबूल कर लिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी सोमपाल
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शराब पीकर हैवान बना सोमपाल
देवरनिया कस्बे में मां की मौत के तुरंत बाद मामा की हत्या करने का आरोपी सोमपाल नशे में हैवान बन जाता है। उसकी जान बचाने की खातिर मां की जान चली गई तो उसे सदमा लगा था। उसने दोबारा शराब पी ली। इस बीच मामा ने उसे टोककर डंडा मारा तो उसने बिना कुछ सोचे-समझे हंसिये से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। रविवार को थाने से उसे कोर्ट भेजा गया तो नशा उतर चुका था। उसने अपनी हरकत पर पछतावा जताया।
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एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली।
– फोटो : संवाद
26 साल के सोमपाल ने नशा उतरने पर पुलिस को बताया कि वह अनपढ़ है। मजदूरी करके परिवार पालता है। उसके पिता की पहली पत्नी का निधन हो गया। सुशीला देवी से पिता भीमसेन की दूसरी शादी हुई थी। करीब आठ माह पहले उसके परिवार ने पीलीभीत जिले के मूल निवास गांव जमनिया की जमीन और मकान बेच दिया।