सभी लोग चोपन प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन से उतरे
राजगढ़ थाना इलाके के खम्हरिया निवासी दो सगी बहनें शिव कुमारी (17) और साधना (12) अपनी चाची सविता (30) के साथ बुधवार की सुबह कार्तिक पूर्णिमा का स्नान करने के लिए निकली थीं। साथ में सविता की पड़ोसी अंजू (20) भी थीं। परिजनों के मुताबिक, सब चोपन प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन में सवार हुईं।
चुनार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार रूकी थी ट्रेन
इसी ट्रेन में सोनभद्र के कर्मा थाना क्षेत्र के बसवा गांव की कलावती (57) भी थीं। ट्रेन में आसपास के क्षेत्रों से करीब 500 लोग सवार थे। ट्रेन सुबह सवा नौ बजे चुनार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर खड़ी हुई। यहां ट्रेन से करीब 100 यात्री उतरे।
कुछ यात्रियों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म नंबर पर चढ़कर बचाई जान
कुछ यात्री प्लेटफॉर्म की तरफ नहीं गए और रेलवे ट्रैक की तरफ उतर गए। रेलवे ट्रैक के सहारे ही यात्री तीन नंबर प्लेटफॉर्म की तरफ जाने का प्रयास करने लगे। इसी बीच कालका मेल (ट्रेन संख्या 12311) आ गई। इससे अफरा-तफरी मच गई और यात्री इधर-उधर भागने लगे लेकिन दो किशोरी सहित छह महिलाएं ट्रेन की चपेट में आ गईं। कुछ यात्रियों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म नंबर पर चढ़कर जान बचाई।
हादसे में दो सगी बहनों और चार महिलाओं के शरीर के चिथड़े उड़ गए। इसकी सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ के जवान पहुंचे और रेलवे कर्मचारियों की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू किया। डीएम की मौजूदगी में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी हुई। बाद में शव परिजनों को सौंपे गए।
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