हुमा कुरैशी को वेब सीरीज ‘महारानी’ से एक अलग पहचान मिली है. पहले सीजन से ही वह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर छाई हुई हैं और अब सोनी लिव ने इसके चौथे सीजन को भी रिलीज कर दिया है. इस सीरीज को अब तक दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है. एक बात तो मानना पड़ेगा कि सुभाष कपूर द्वारा निर्मित इस सीरीज के लिए हुमा बेस्ट रही हैं. पहले सीजन से लेकर चौथे सीजन तक हुमा ने जबरदस्त अभिनय का प्रदर्शन किया है. मुझे नहीं लगता कि कोई और अभिनेत्री रानी भारती का किरदार इतने बखूबी निभा पाती.
हुमा कुरैशी, विपिन शर्मा, शार्दुल भारद्वाज, श्वेता बसु प्रसाद, दर्शील सफारी, कनी कश्रुति, प्रमोद पाठक, विनीत कुमार और अमित सियाल अभिनीत ‘महारानी’ के चौथे सीजन को सुभाष कपूर, नंदन सिंह और उमाशंकर सिंह ने शानदार ढंग से गढ़ा है, जो आपको पहले एपिसोड से लेकर आखिरी एपिसोड तक बांधे रखता है. इसमें कोई शक नहीं कि किसी भी सीरीज या फिल्म में लेखक की भूमिका बेहद अहम होती है और तीनों ने इस भूमिका को बखूबी निभाया है.
महत्वाकांक्षाओं के टकराव और वफादारी के बिखराव के साथ, रानी और जोशी खुद को सत्ता के लिए एक बड़े दांव वाली लड़ाई में पाते हैं जो देश के भविष्य को नया आकार दे सकती है. ‘महारानी 4’ भारत के गठबंधन युग में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, भ्रष्टाचार और बदलती वफादारी के विषयों को दर्शाती है. यह सीरीज 2012 में शुरू होती है, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का समर्थन खोने के बाद प्रधानमंत्री सुधाकर जोशी का गठबंधन टूटने की कगार पर है.
जोशी का सहयोगी बिहार की मुख्यमंत्री रानी भारती से समर्थन मांगता है, लेकिन वह मना कर देती हैं. रानी बिहार में अपना नेतृत्व स्थापित करने की कोशिश करती है, लेकिन जोशी उसे कमजोर करने के लिए अपने जेल में बंद प्रतिद्वंद्वी नवीन कुमार के साथ गठबंधन कर लेती है. जल्द ही, एक आयोग की रिपोर्ट रानी को एक पुराने हत्याकांड में फंसा देती है, जिससे सीबीआई जांच शुरू हो जाती है. आगे क्या होता है? क्या रानी भारती प्रधानमंत्री बनेंगी? यह जानने के लिए आपको चौथे सीज़न के सभी एपिसोड देखने होंगे.
अभिनय की बात करें तो हुमा कुरैशी अपने किरदार में पूरी तरह डूबी हुई हैं और उनका अभिनय पहले से भी ज्यादा दमदार है. हुमा के अलावा, विपिन शर्मा, शार्दुल भारद्वाज, श्वेता बसु प्रसाद, दर्शील सफारी, कनी कश्रुति, प्रमोद पाठक, विनीत कुमार और अमित सियाल ने भी अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय किया है. पुनीत प्रकाश ने चौथे सीजन का निर्देशन किया है और उन्होंने अपने निर्देशन कर्तव्यों को बखूबी निभाया है.
चौथे सीजन में कुछ कमियां हैं. कुछ एपिसोड काफी धीमे हैं, जिससे आपको थोड़ा बोरियत महसूस होती है. इसके अलावा, लेखक और निर्देशक इस सीजन में पेश किए गए नए चेहरों पर थोड़ा और बेहतर तरीके से ध्यान दे सकते थे. मुझे लगता है कि सीरीज इन नए चेहरों को पेश करने में थोड़ी कमजोर है. कुल मिलाकर, यह एक शानदार राजनीतिक ड्रामा वेब सीरीज है जिसे आप मिस नहीं करना चाहेंगे. मेरी ओर से ‘महारानी’ के चौथे सीजन को 5 में से 3 स्टार.










