हस्तरेखा विज्ञान एक छद्म वैज्ञानिक पद्धति है जिसमें हथेली की रेखाओं और पर्वतों का अध्ययन करके किसी भी व्यक्ति के भविष्य, स्वभाव और भाग्य का अंदाजा लगाया जाता है. ऐसे में अब बात आती है कि पुरुष और महिलाओं के हस्तरेखा में क्या है अंतर. तो आइए जानते हैं विस्तार से.

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार पुरुष और महिलाओं के हस्तरेखाओं में मुख्य अंतर यह है कि पुरुषों के भविष्य के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए उनका दाहिना हाथ पढ़ा जाता है, जबकि महिलाओं के लिए उनका बायां हाथ पढ़ा जाता है, क्योंकि यह उनके जीवन के अर्जित अनुभवों और वर्तमान को दर्शाता है. हालांकि, दोनों लिंगों के लिए दोनों हाथों का अध्ययन महत्वपूर्ण होता है.

पुरुष का हाथ पढ़ने के लिए, दाहिने हाथ का उपयोग किया जाता है. दाहिने हाथ को पढ़कर व्यक्ति के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल की जाती है. उदाहरण के लिए, आमतौर पर पुरुषों के बड़े हाथ पृथ्वी से गहरे संबंध को दर्शाता है, काम और व्यापार पर बारीकियों से ध्यान देने का संकेत देते हैं, जबकि लंबी उंगलियां कुशल स्वभाव को दर्शाती हैं.

महिलाओं के व्यक्तिगत स्वभाव और कर्मों के बारे में पता लगाने के लिए बाएं हाथ को पढ़ा जाता है, महिलाओं के बाएं हाथ को उनके द्वारा जीवन में अर्जित अनुभवों, वर्तमान और भविष्य का सूचक माना जाता है.

आजकल कई हस्तरेखा विशेषज्ञ पुरुषों और महिलाओं, दोनों के हाथों की तुलना करके अधिक सटीक भविष्यवाणी करते हैं, खासकर कामकाजी महिलाओं के मामले में, जो अपने कर्म से अपनी तकदीर बदल रही हैं.
Published at : 09 Nov 2025 09:00 PM (IST)
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