सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल शरा इन दिनों अमेरका के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप से मुलाकात की। इस दौरान ट्रंप ने व्हाइट हाउस में सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। यह अमेरिकी राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस में किसी सीरियाई नेता की पहली आधिकारिक यात्रा है, जो 1946 में सीरिया की स्वतंत्रता के बाद हुई है। अल-शरा ने पिछले साल दिसंबर में बशर अल-असद की सरकार को हटाने वाले विद्रोही बलों का नेतृत्व किया था और जनवरी में देश के अंतरिम नेता बनाए गए थे।
बता दें कि अल शरा और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुई। हालांकि दोनों नेताओं के बीच हुई यह बैठक प्रेस के लिए बंद रखी गई और अल-शरा ने व्हाइट हाउस के पश्चिमी प्रवेश द्वार से प्रवेश किया, जो अन्य विदेशी नेताओं के लिए इस्तेमाल नहीं होता।
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अब अच्छा काम कर रहे अल शरा- ट्रंप
इस मुलाकात के बारे में व्हाइट हाउस की प्रवक्ता करोलिन लीविट ने कहा कि सीरियाई राष्ट्रपति का यह दौरा विश्व में शांति के प्रयासों के लिए किसी भी नेता से मिलने का हिस्सा है। वहीं ट्रंप ने कहा कि अल-शरारा अब तक अच्छा काम कर रहे हैं और अमेरिका ने प्रतिबंधों में ढील देने के बाद सीरिया के साथ काफी प्रगति देखी है।
क्या है अल शरा और ट्रंप के मुलाकात का मुख्य उद्दश्य?
अब बात अगर इस बैठक के मुख्य उद्देश्य की करें तो इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीरिया को इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के खिलाफ अमेरिका-संचालित वैश्विक गठबंधन में शामिल करना है। इससे सीरियाई सेना और कुर्द नेतृत्व वाली सशस्त्र बलों के बीच सहयोग बढ़ेगा। हालांकि, देश के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में ये बल पहले से ही आईएसआईएस के खिलाफ लड़ रहे हैं।
खुद क्या चाहते हैं अल शरा
ऐसे में अल शरा चाहते हैं कि अमेरिका और कांग्रेस पुराने प्रतिबंधों को स्थायी रूप से हटा दें। फिलहाल ट्रंप ने कैसर एक्ट के तहत लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से माफ किया है, लेकिन स्थायी हटाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी है। सीरिया के समर्थक और निवेशक मानते हैं कि किसी शर्त के साथ प्रतिबंध हटाना निवेश को रोक सकता है, क्योंकि कंपनियों को डर होगा कि उन्हें बाद में फिर से दंडित किया जा सकता है।
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यूएन में भी अल शरा के पक्ष में मतदान
गौरतलब है कि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी अल शरा और अन्य अधिकारियों पर लगे प्रतिबंध हटाने के पक्ष में मतदान किया। अमेरिकी राजनयिकों के अनुसार यह संकेत है कि सीरिया अब बशर अल-असद के पतन के बाद नए दौर में प्रवेश कर रहा है। यही कारण है कि अल शरा के इस यात्रा से यह भी उम्मीद है कि अमेरिका और सीरिया के बीच लंबे समय से ठंडी रही कूटनीतिक और सैन्य सहयोग में सुधार हो। व्हाइट हाउस ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच भरोसा और सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।












