कहते हैं कि जाको राखे साईंया, मार सके न कोए.. जी हां लाल किले बम धमाके के दौरान दिल्ली पुलिस के दो हवलदार के साथ ऐसा ही हुआ है। लालकिले चौकी में तैनात हवलदार अजय चहल व एक अन्य हवलदार बाल-बाल बच गए। दिल्ली पुलिसकर्मियों में चर्चा है कि भगवान की विशेष कृपया से ही दोनों बचे हैं। ये दोनों पुलिसकर्मी धमाके वाली जगह से मात्र 30 से 50 फुट की दूरी पर खड़े हुए थे और इन्हें खरोंच तक नहीं आई, जबकि 300 फुट की दूसरी पर खड़े लोगों की मौत हो गई।

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लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के बाद सबूतों की तलाश में पुलिस कर्मी।
– फोटो : अमर उजाला
दोनों को मामूली चोट तक नहीं आई
उत्तरी जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस समय लालकिले के सामने लाल किला पुलिस चौकी के पास बम धमाका हुआ था उस समय लाल किला पुलिस चौकी में तैनात हवलदार अजय चहल धमाके वाली जगह से मात्र 30 फुट की दूरी पर खड़े थे। उन्हें खरोंच तक नहीं आई। वहीं दूसरा हवलदार भी धमाके वाली जगह से मात्र 50 फुट की दूरी पर खड़े थे। इन दोनों को मामूली सी चोट भी नहीं लगी है।

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लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के बाद सबूतों की तलाश में पुलिस कर्मी।
– फोटो : अमर उजाला
ब्लाइंड स्पॉट की वजह से बची जान
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये दोनों पुलिसकर्मी ब्लाइंड स्पॉट की वजह से बचे हैं। उन्होंने बताया कि जब बम धमाका होता है तो उससे विस्फोटक अन्य वस्तुएं चारों तरफ निकलती है। इन खतरनाक घातुओं से बम धमाके चारों तरफ खड़े लोगों को जान-माल का नुकसान होता है।

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दिल्ली पुलिसकर्मी
– फोटो : अमर उजाला
क्या होता है ब्लाइंड स्पॉट?
मगर बीच में कुछ ऐसे जगह होती है जहां एक तरफ जाने वाली वस्तुओं के बीच में गैप होता है। इस गैप को ब्लाइंड स्पॉट बोलते हैं। दोनों पुलिसकर्मी इस ब्लाइंड स्पॉट वाली जगह पर खड़े थे और इस कारण दोनों ही बच गए। दोनों की पुलिसकर्मी भगवान को धन्यवाद बोलते हुए नहीं थक रहे हैं।
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