बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे एक मामले पर सोमवार को ढाका स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-बांग्लादेश) की तरफ से फैसला पढ़ा जा रहा है।
हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोपों से जुड़े इस केस में मौत की सजा देने की मांग की गई है। ऐसे में अगर कोर्ट का फैसला शेख हसीना के खिलाफ आता है तो बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़कने की आशंका है। इस बीच मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने देशभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उधर ढाका पुलिस के कमिश्नर शेख मोहम्मद सज्जात अली ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया है कि अगर कोई बसों को आग लगाने की कोशिश करे या क्रूड बम फेंके, तो उन पर गोली चलाई जाए।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और गश्त-टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते में देशभर में लगभग 40 आगजनी की घटनाएं (ज्यादातर बसों को निशाना बनाकर) और दर्जनों बम विस्फोट हुए हैं। इनमें दो लोगों की मौत भी हुई।











