कार बम धमाका करने वाले आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी के मोबाइल फोन में पुलिस को फिदायीन हमले को महिमामंडित करने वाला वीडियो मिला है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उमर का यह फोन बरामद कर लिया। उमर ने आत्मघाती हमले को लेकर कई वीडियो बनाए और दावा किया कि इस तरह का काम धर्म में सबसे प्रशंसनीय है। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि लोगों के दिमाग में जहर भरने के लिए उमर ऐसे वीडियो रिकॉर्ड करता था।
उमर का ऐसा ही करीब दो मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में कमरे में कुर्सी पर बैठा दिख रहा उमर कहता है, सुसाइड बॉम्बिंग बहुत गलत समझे जाने वाले विचारों में से एक है। यह दरअसल शहादत का अभियान है। वीडियो में उसके चेहरे पर किसी तरह की कोई परेशानी या डर नहीं है। हालांकि, रिकॉर्डिंग के दौरान वह कई बार लड़खड़ाता भी दिखा और फिर अचानक वीडियो खत्म कर देता है।
अधिकारियों ने बताया, यह अहम सबूत उमर के भाई जहूर इलाही को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद सामने आया। सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बीच इलाही को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पकड़ा। उसने बताया कि उमर 26 से 29 अक्तूबर तक कश्मीर में था। उसने उसे यह मोबाइल फोन यह कहकर दिया था कि अगर उसके बारे में कोई खबर सामने आए, तो इसे पानी में फेंक देना। इलाही पुलिस को उस जगह ले गया, जहां उसने फोन फेंका था। फोन क्षतिग्रस्त हो गया था, पर फोरेंसिक विशेषज्ञ अहम जानकारी निकालने में सफल रहे।
अधिकारियों ने बताया, उमर इस्लामिक स्टेट (आईएस) और अल-कायदा की ओर से जारी आत्मघाती बम विस्फोटों के कट्टरपंथी वीडियो देखा करता था। इसके बाद ही उसने अपने भी वीडियो बनाए और आत्मघाती हमले को शहादत बताते हुए इसका महिमामंडन किया। ब्यूरो
बड़े संग्रह का हिस्सा है वीडियो
अधिकारियों के अनुसार, उमर ने वीडियो अप्रैल में बनाए थे। इनमें उसने कहा, जिहाद के संदर्भ में ऐसी कार्रवाइयां न सिर्फ जायज, बल्कि सराहनीय हैं। पुलिस के अनुसार यह वीडियो बड़े संग्रह का हिस्सा है। फोन जांच के लिए एनआईए को सौंप दिया गया है।
उमर के भाई इलाही को हिरासत में लेगी एनआईए अधिकारियों ने बताया कि एनआईए जल्द ही उमर के भाई जहूर इलाही को हिरासत में लेगी। एजेंसियां मान रही हैं कि उमर कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले इस नेटवर्क का सबसे कट्टरपंथी और प्रमुख सदस्य था।











