आजादी के 78 वर्षों में सरकारें बदलीं, निजाम बदले, कई रेलवे स्टेशनों के नाम भी बदले गए, लेकिन कानपुर सेंट्रल स्टेशन (सीएनबी) ब्रिटिश हुकूमत के कोड से आज तक आजाद नहीं हो सका। इसे आज भी रेलवे की तकनीकी भाषा में अंग्रेजी शासन काल में मिले सीएनबी यानि कॉनपोर (cawnpore) नार्थ बैरक के नाम से जाना जाता है। आरक्षित या अनारक्षित टिकट खरीदने पर उसमें कानपुर सेंट्रल के आगे स्टेशन कोड सीएनबी ही लिखकर आता है।
कॉनपोर नार्थ बैरक का मतलब था कानपुर का सैन्य ठिकाना। अंग्रेजों ने उसी नाम से स्टेशन कोड सीएनबी रख दिया। प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कई ऐतिहासिक शहरों और स्टेशनों के नाम बदले गए। फैजाबाद का नाम आधिकारिक रूप से अयोध्या कर दिया गया। इलाहाबाद प्रयागराज बना और मुगलसराय स्टेशन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, झांसी जंक्शन का नाम बदलकर वीरांगना लक्ष्मीबाई जंक्शन कर दिया गया। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या कारण है कि देश के सबसे व्यस्त स्टेशनों में गिने जाने वाले कानपुर सेंट्रल का कोड आज भी सीएनबी ही है।
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