रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को अमेरिका द्वारा पेश किए गए नए यूक्रेन शांति प्रस्ताव का सावधानी भरा स्वागत किया। पुतिन ने कहा कि यह आधुनिक और अपडेटेड प्लान यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की आधारशिला बन सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना पर अभी तक रूस के साथ कोई गंभीर बातचीत नहीं हुई है।
पुतिन ने कहा अमेरिका का यह नया टेक्स्ट एक संभावित अंतिम शांति समझौते का आधार बन सकता है। लेकिन इसे हमारे साथ किसी ठोस स्तर पर नहीं चर्चा किया गया है। मुझे लगता है कि इसका कारण यह है कि यूक्रेन फिलहाल इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। रूसी राष्ट्रपति के अनुसार, यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी अभी भी इस भ्रम में हैं कि वे युद्ध के मैदान पर रूस को रणनीतिक हार दे सकते हैं।
जेलेंस्की बोले- सम्मान या समर्थन खोने का खतरा
यूक्रेन इस समय अपने चार साल लंबे युद्ध के सबसे कठिन और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि अगर देश अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहता है, तो संभव है कि उसे अमेरिका के समर्थन में कमी का सामना करना पड़े। अमेरिकी शांति प्रस्ताव में रूस की कई पुरानी मांगें शामिल हैं, जैसे- यूक्रेन के कुछ क्षेत्रों को रूस को सौंपना, यूक्रेनी सेना का आकार घटाना और यूक्रेन की NATO सदस्यता का रास्ता रोकना।
ये भी पढ़ें:- एयर शो के दौरान पहले भी क्रैश हुए हैं अमेरिका जैसे देशों के लड़ाकू विमान, जानें कब हुए हादसे
जेलेंस्की ने माना कि यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन वे अमेरिका के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी लगभग एक घंटे तक चर्चा अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस और आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल के साथ हुई, जिसमें इस प्रस्ताव पर गंभीर बातचीत हुई।
यूक्रेन प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा
यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि वे अमेरिकी प्रस्ताव का अध्ययन कर रहे हैं और तकनीकी बातचीत जारी है। शीर्ष सलाहकार रुस्तम उमेरोव ने अमेरिकी दावे को खारिज किया कि उन्होंने प्लान को पहले ही स्वीकार कर लिया था। उमेरोव ने कहा कि यूक्रेन अपने अटल सिद्धांतों- संप्रभुता, नागरिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण शांति के साथ किसी भी चर्चा को आगे बढ़ाएगा।
ये भी पढ़ें:- Congo: ISIS समर्थित विद्रोहियों ने पूर्वी कांगो में 89 लोगों की हत्या की, 11 गर्भवती महिलाओं को भी मौत के घाट उतारा
यूरोप बोला- यूक्रेन के साथ हैं, समर्थन नहीं रुकेगा
यूरोप ने यूक्रेन को भरोसा दिलाया है कि उसका समर्थन किसी भी हालत में नहीं रुकेगा। जेलेंस्की ने जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के नेताओं से बातचीत की और तीनों देशों ने आश्वासन दिया कि वे यूक्रेन के साथ पूरी मजबूती से खड़े रहेंगे, चाहे अमेरिकी प्रस्ताव कुछ भी हो। यूरोपीय नेताओं का कहना है कि युद्ध का हल यूक्रेन की शर्तों पर होना चाहिए और उसकी सेना इतनी मजबूत बनी रहे कि वह अपने देश की रक्षा कर सके। वे मानते हैं कि किसी भी शांति समझौते की शुरुआत “लाइन ऑफ कॉन्टैक्ट” से होनी चाहिए।
EU की विदेश नीति प्रमुख काया कालस ने भी साफ कहा कि रूस को किसी तरह की रियायत का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। यूरोपीय देशों को चिंता है कि अगर यूक्रेन को दबाव में आकर कोई खराब समझौता करना पड़ा, तो इससे पूरे यूरोप की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।











