पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के एक विधायक ने दावा किया है कि 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखी जाएगी, जिसमें कई मुस्लिम नेता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस मस्जिद के निर्माण में तीन साल का समय लगेगा। टीएमसी विधायक के इस बयान पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। टीएमसी विधायक के बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे टीएमसी की तुष्टिकरण और धर्म की राजनीति करार दिया।
पश्चिम बंगाल की भरतपुर विधानसभा सीट से विधायक हुमायूं कबीर ने बीते साल बाबरी मस्जिद के निर्माण का एलान किया था। कबीर ने कहा कि बाबरी मस्जिद की नींव रखे जाने वाले कार्यक्रम में करीब दो लाख लोग शामिल होंगे, जिनमें 400 प्रमुख हस्तियां मंच पर उपस्थित रहेंगी।
#WATCH | Kolkata, West Bengal | Trinamool Congress MLA Humayun Kabir says, “We will lay the foundation stone of Babri Masjid on 6th December in Beldanga, Murshidabad district. It will take three years to complete. Various Muslim leaders will participate in that event…” (21.11) pic.twitter.com/filh9Juflk
— ANI (@ANI) November 22, 2025
भाजपा ने कहा- बाबर एक लुटेरा था और उसके नाम पर कुछ भी बनना अस्वीकार्य
पश्चिम बंगाल भाजपा ने टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के विरोध में बरहामपुर में राम मंदिर बनाने का ऐलान किया है। भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने कहा कि ‘अगर कहीं बाबरी मस्जिद बनती है, तो हम वहां मंदिर बनाकर रामलला को वापस लाएंगे। उन्होंने पूछा कि यहां बाबरी मस्जिद क्यों होनी चाहिए? बाबर एक लुटेरा था और उसके नाम पर कुछ भी बनाना अस्वीकार्य है।’
भाजपा ने टीएमसी पर तुष्टिकरण और धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि कोई भी मंदिर-मस्जिद का निर्माण करा सकता है, लेकिन टीएमसी धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। 6 दिसंबर की तारीख चुनने के पीछे की मंशा साफ है, लेकिन सवाल ये है कि टीएमसी ने अब तक अल्पसंख्यकों के लिए क्या किया?
भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि ‘कोई भी मस्जिद बना सकता है, लेकिन इसकी सही जगह होनी चाहिए। कोई अपने धर्म का पालन करता है तो हमें उससे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जो मस्जिद का राजनीतिकरण कर रहे हैं, वे मुस्लिम धर्म का अपमान कर रहे हैं। अगर सभी भारतीय मुस्लिम मिलकर एक मस्जिद बनाते हैं तो उसमें किसी को कोई परेशानी नहीं है।’
‘बाबर के समर्थक सिर्फ बाबरी की बात करेंगे’
भाजपा नेता यासर जिलानी ने टीएमसी विधायक के एलान पर कहा, ‘बाबर के चाहने वाले हमेशा बाबरी की बात करेंगे। उन्हें नहीं पता कि बाबर और बाबरी दोनों इतिहास हैं, ऐसा इतिहास दोहराया नहीं जा सकता। टीएमसी के अंदर भगदड़ मची हुई है। उन्हें पता है कि इस बार पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार गिर रही है। उनके नेता, विधायक और उनके शीर्ष प्रवक्ता तुष्टिकरण राजनीति के चैंपियन हैं। वे तुष्टिकरण की राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। क्या भारत में ऐसा हो सकता है कि कोई नई बाबरी लाए? यह तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है, जिससे उन्हें किसी भी तरह का फायदा नहीं होगा।’
कांग्रेस पार्टी ने दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के बयान पर कहा कि ‘हम इसे लेकर पूरी तरह से स्पष्ट हैं। हम रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, महिलाएं, किसानों और मजदूरों के साथ समावेशिता और समानता की बात करते हैं। कांग्रेस पार्टी हमेशा से संविधान की बात करती है और चुनाव भी इन्हीं मुद्दों पर लड़ा जाए।’
कांग्रेस नेता उदित राज ने टीएमसी विधायक के बयान पर कहा कि ‘अगर मंदिर की नींव रखी जा सकती है तो मस्जिद की नींव रखने में क्या दिक्कत है? जो इसका विरोध कर रहे हैं, वे इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं। इस देश में सभी को धार्मिक आजादी हासिल है, जैसे अन्य देशों में है।’
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6 दिसंबर को विशाल रैली कर सकती है टीएमसी पार्टी
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस पार्टी बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर 6 दिसंबर को एक विशाल रैली आयोजित करने जा रही है। इस रैली को समहति दिवस (एकता दिवस) नाम दिया गया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, टीएमसी का कहना है कि, टीएमसी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ आमतौर पर हर साल इस रैली का आयोजन करता है, लेकिन इस बार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इसकी जिम्मेदारी अपने छात्र और युवा विंग को सौंपी है। ये रैली कोलकाता में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर आयोजित की जाएगी, जहां सीएम ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी सभा को संबोधित कर सकते हैं।
एसआईआर को लेकर पहले ही गरम है बंगाल की राजनीति
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पहले से ही राजनीति गरमाई हुई है। राज्य की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने साल 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में चल रहे पुनरीक्षण को अदृश्य धांधली करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे एसआईआर के दौरान पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से एक भी सही मतदाता का नाम हटाया गया तो नरेंद्र मोदी सरकार का गिरना तय हो जाएगा। ऐसे में अब बाबरी मस्जिद को लेकर उठे इस मुद्दे का भी बंगाल चुनाव पर असर पड़ सकता है।
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