Last Updated:
आज हम आपको साउथ सिनेमा की एक हीरोइन के बारे में बताते हैं, जो जन्म से मुस्लिम है. मगर सिनेमा की दुनिया में हिंदू नाम से पहचान बनाई है. कमाल की बात कि एक्ट्रेस ने अपने करियर की शुरुआत धर्मेंद्र की फिल्म से की थी, लेकिन असली पहचान तमिल सिनेमा में मिली. रजनीकांत की फिल्म ने एक्ट्रेस को इंडस्ट्री का टॉप स्टार बना दिया. हालांकि, अब वह एक्टिंग से ज्यादा पॉलिटिक्स में एक्टिव है.
<strong>नई दिल्ली.</strong> खुशबू सुंदर का जन्म 29 सितंबर 1970 को मुंबई में हुआ. वह एक एक्ट्रेस, प्रोड्यूसर, टेलीविजन पर्सनैलिटी और राजनीतिज्ञ हैं. उनका करियर चार दशकों से अधिक समय तक रहा. चाइल्ड स्टार से लेकर साउथ सिनेमा की लीड हीरोइन तक, समय के साथ-साथ खुशबू इंडियन सिनेमा की चर्चित चेहरों में से एक बन गईं.

खुशबू का जन्म मुंबई (बॉम्बे) में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था. उनका असली नाम नखत खान है, लेकिन फिल्मों में कदम रखते ही उन्होंने स्टेज नाम ‘खुशबू’ अपनाया. मुंबई में पली-बढ़ी खुशबू को छोटी उम्र से ही फिल्म इंडस्ट्री का अनुभव मिला, जिसने उनका करियर तय कर दिया.

खुशबू ने अपने करियर की शुरुआत 1970 दशक के अंत और 1980 के दशक की शुरुआत में हिंदी सिनेमा में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में की. उन्होंने द बर्निंग ट्रेन (1980) और कालिया (1981) जैसी फिल्मों में सहायक भूमिकाएं निभाईं. बॉलीवुड में उनके शुरुआती अनुभव ने उन्हें आत्मविश्वास और स्क्रीन उपस्थिति दी, जिसने उन्हें लीड भूमिकाओं में आने का रास्ता तैयार किया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

खुशबू की बड़ी सफलता तब आई, जब उन्होंने साउथ सिनेमा, विशेष रूप से तमिल फिल्मों में कदम रखा. 1980 के मध्य में तमिल सिनेमा में धर्मथिन थलाइवन (1988) से उनका डेब्यू हुआ, जिसमें उन्होंने रजनीकांत के साथ काम किया और इस फिल्म ने उन्हें एक पॉपुलर हीरोइन के रूप में स्थापित कर दिया.

खुशबू जल्दी ही तमिल सिनेमा में एक जाना-माना नाम बन गईं. उनकी एक्टिंग और आकर्षण की लोग तारीफ करने लगे. 1990 के दशक तक खुशबू तमिल सिनेमा की सबसे भरोसेमंद सितारों में से एक बन चुकी थीं और अक्सर रजनीकांत, कमल हासन और प्रभु जैसे प्रमुख सितारों के साथ काम करती नजर आईं.

उनकी कुछ बेहतरीन तमिल फिल्में हैं- वरुश्म 16 (1989) रोमांटिक ड्रामा जिसने उनके अभिनय की बहुमुखी प्रतिभा को दिखाया, चिन्ना थांबी (1991) उनके सबसे बड़े हिट में से एक, जिसने उन्हें सुपरस्टार का दर्जा दिलाया. अन्नामलाई (1992), रजनीकांत के साथ, उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई और नत्तामाई (1994) कल्ट क्लासिक बन गई.

खुशबू ने तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया है, जिससे उनका प्रभाव तमिल सिनेमा से बाहर भी रहा. अपने करियर के दौरान खुशबू 200 से अधिक फिल्मों में नजर आईं और अपनी पीढ़ी की सबसे प्रभावशाली एक्ट्रेसेस में से एक बन गईं.

बाद में वह राजनीति में भी आईं. शुरुआत में उन्होंने डीएमके जॉइन की, फिर कांग्रेस में शामिल हुईं और आखिर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आईं, जहां वह वर्तमान में तमिलनाडु इकाई की उपाध्यक्ष के रूप में काम कर रही हैं और राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी हैं. खुशबू ने साल 2000 में सुंदर सी से शादी की, जो एक फेमस तमिल फिल्म डायरेक्टर और एक्टर हैं. कपल की दो बेटियां हैं.
![]()











