सात वर्ष पुराने प्रकरण में पाक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला, 20 हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के तौर पर मिलेंगे
बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज़। सात वर्ष पूर्व 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने आरोपी विशाल सोनकर को दोषी करार देते हुए 3 वर्ष का साधारण कारावास तथा 30,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने की स्थिति में दोषी को दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि में से 20,000 रुपये पीड़िता को प्रदान किए जाएं।
अभियोजन के अनुसार रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने 24 सितंबर 2018 को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 11 सितंबर 2018 को आरोपी विशाल सोनकर अपने 3–4 साथियों के साथ आया और उसकी 15 वर्षीय बेटी का अपहरण कर ले गया। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता 12 सितंबर की शाम चौकी के पास मिली, जहां उसने बताया कि आरोपी ने उसका वीडियो क्लिप बनाकर वायरल करने की धमकी दी थी।
20 सितंबर की शाम लड़की फिर से लापता हो गई, लेकिन इस बार भी पुलिस ने खोजबीन में अपेक्षित सहायता नहीं दी। परिजनों की ओर से लगातार तलाश के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली। अंततः शिकायत के आधार पर 27 सितंबर 2018 को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस जांच के दौरान आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त प्रमाण पाए जाने पर चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों, 7 गवाहों के बयान और प्रस्तुत दस्तावेजों का गहन परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी विशाल सोनकर (उम्र 28 वर्ष) को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी बहस की।
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