आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद माड्यूल के डॉक्टरों के संपर्क में रहने वाले 10 से ज्यादा संदिग्धों से एटीएस ने बुधवार को गहन पूछताछ की। इन सभी को एटीएस की देवबंद और लखनऊ यूनिट में बुलाया गया था, जिसमें चार की भूमिका संदेहास्पद होने पर उन्हें कल दोबारा तलब किया गया है। वहीं दूसरी ओर एटीएस के अनुरोध पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 100 से अधिक कश्मीरी मूल के नागरिकों का वैरीफिकेशन कर रिपोर्ट भेज दी है।
बता दें कि एटीएस ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को कश्मीरी मूल के 100 से अधिक ऐसे लोगों के नाम भेजे थे, जो बीते कुछ माह के दौरान यूपी में निवासरत थे। उनके अचानक वापस जाने की एटीएस को विभिन्न माध्यमों से सूचनाएं मिली थी, जिसके बाद उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद मांगी गई थी। सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इन सभी के अपने-अपने घरों में मौजूद होने और किसी संदिग्ध गतिविधि में लिप्त नहीं होने की रिपोर्ट भेजी है। वहीं 12 कश्मीरियों का सत्यापन होना अभी बाकी है। जल्द ही एटीएस एक और सूची कश्मीर पुलिस को सत्यापन के लिए भेजेगी।
करीबियों से हुई पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक एनआईए और एटीएस द्वारा छानबीन के बाद बुधवार को आरोपी डॉक्टरों के बैचमेट, पैरामेडिकल स्टाफ और निजी व्यक्तियों को पूछताछ के लिए तलब किया। ये सभी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. आदिल, डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज के संपर्क में थे और उनके बीच दिल्ली बम धमाके की वारदात अंजाम देने के कुछ दिन पहले तक बातचीत जारी थी। एटीएस ने उनसे इस माड्यूल के डॉक्टरों से संपर्क होने की वजहों और अन्य करीबियों के बारे में गहन पूछताछ की है।










