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साउथ सिनेमा की ‘गोल्डन गर्ल’ राम्या उर्फ दिव्या स्पंदना ने कन्नड़ सिनेमा से राजनीति तक का सफर तय किया. वे कांग्रेस सोशल मीडिया सेल की हेड बनीं. एक्ट्रेस ने जहां कदम रखा, सफलता ने उनके कदम चूमे.
नई दिल्ली: साल 2013 में कर्नाटक के मांड्या के चुनावी मैदान की भीड़ में एक चेहरा सामने आया था, जो पर्दे की चमक की वजह से राजनीतिक पर आया था. वह हैं राम्या, जिन्हें दिव्या स्पंदना नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने महज 30 साल की उम्र में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल करके लोकसभा की सबसे कम उम्र की सांसदों में से एक बन गईं.
दिव्या स्पंदना का करियर दिलचस्प है. एक ओर ‘राम्या’ की लोकप्रिय, ग्लैमरस इमेज, जिसकी लोगों के बीच अपील है और दूसरी ओर ‘दिव्या स्पंदना’ का गंभीर राजनीतिक पहचान, जो उन्हें एक डिजिटल रणनीतिकार के रूप में भरोसा बनाए रखने में मदद करता है. दिव्या स्पंदना का जन्म 29 नवंबर 1982 को बैंगलोर में हुआ था. उनकी मां, रंजीता, खुद कांग्रेस पार्टी की एक वरिष्ठ सदस्य थीं, जिसने उन्हें राज्य की राजनीतिक की समझ दी. उन्होंने ऊटी और चेन्नई में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद साल 2003 में कन्नड़-भाषा की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘अभि’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा. कर्नाटक के सिनेमाघरों में फिल्म 150 दिनों तक टिकी रही.
साउथ सिनेमा में बनाई खास पहचान
राम्या का ‘सैंडलवुड क्वीन’ के रूप में उदय हुआ. उनकी लोकप्रियता केवल कन्नड़ तक सीमित नहीं रही, उन्होंने उसी साल तेलुगु फिल्म ‘अभिमन्यु’ से भी डेब्यू किया. वे ‘एक्सक्यूज मी’ (2003) जैसी हिट देकर ‘कन्नड़ सिनेमा की गोल्डन गर्ल’ बन गईं. उन्होंने अमृतधारे (2005) और तनानाम तनानाम (2006) के लिए दो फिल्मफेयर पुरस्कार जीते और 2011 के रोमांटिक ड्रामा ‘संजू वेड्स गीता’ में उनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस ने उन्हें कर्नाटक स्टेट फिल्म अवॉर्ड दिलवाया.
कांग्रेस के लिए किया जमकर काम
राम्या ने 2012 में फिल्मों को अलविदा कहा और पूरी तरह राजनीति में रम गईं. वे कांग्रेस की युवा शाखा में शामिल हो गईं. 2014 के चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी ने डिजिटल कैंपेन में अपनी कमी को पहचाना. मई 2017 में दिव्या स्पंदना को कांग्रेस सोशल मीडिया सेल का हेड नियुक्त किया गया. राम्या की रणनीति सिर्फ राजनीतिक हमलों तक सीमित नहीं थी. उन्होंने सामाजिक सक्रियता के लिए भी डिजिटल मंच का उपयोग किया. 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद राम्या ने सोशल मीडिया हेड के रूप में अपनी भूमिका छोड़ दी, जिसने पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेद और जवाबदेही को लेकर अटकलों को जन्म दिया.
सिनेमा के ओर लौटे कदम
2019 में राजनीतिक से हटने और कुछ समय के लिए गुमनामी में रहने के बाद राम्या ने अगस्त 2022 में फिल्म इंडस्ट्री में वापसी की घोषणा की. हालांकि, इस बार वह पर्दे के सामने नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे थीं. उन्होंने अपने नए लॉन्च किए गए प्रोडक्शन हाउस, ‘एप्पल बॉक्स स्टूडियोज’ के माध्यम से निर्माता की भूमिका निभाई. एप्पल बॉक्स स्टूडियोज ने 2023 में कन्नड़ फिल्म ‘स्वाति मुथिना माले हानियेह’ का निर्माण किया, जिसने तुरंत सफलता हासिल की और कई पुरस्कार जीते.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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