सोनभद्र/एबीएन न्यूज। स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित “नहीं मिला एसआईआर फार्म, बूथों के चक्कर काट रहे वोटर” शीर्षक वाली खबर पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए। जांच में सामने आए तथ्यों ने मामले की स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।
जांच के अनुसार समाचार में उल्लिखित दो व्यक्तियों—श्री सारनाथ (दुल्लापाथर, वार्ड-6) और श्री रामदरश पटेल (औड़ीमोड़, वार्ड-6)—ने शिकायत की थी कि उन्हें एसआईआर फार्म उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान किया था। दोनों मतदाताओं के वर्ष 2007 में जारी मतदाता पहचान पत्र जांच के लिए प्राप्त किए गए।
इसके बाद दोनों मतदाताओं के विवरण को वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से वर्ष 2025 की मतदाता सूची में खोजा गया। जांच में पाया गया कि दोनों व्यक्तियों के नाम वर्ष 2025 की मतदाता सूची में दर्ज ही नहीं हैं। निर्वाचन नियमों के अनुसार केवल वही मतदाता, जिनका नाम सूची में दर्ज होता है, उन्हें ही बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्र (एसआईआर फार्म) उपलब्ध कराया जाता है। चूँकि दोनों मतदाताओं के नाम वर्तमान मतदाता सूची में शामिल नहीं थे, इसलिए संबंधित बीएलओ द्वारा उन्हें गणना प्रपत्र प्रदान नहीं किए गए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम न होने की स्थिति में किसी भी प्रकार का फार्म प्रदान करना संभव नहीं है, और इसके लिए संबंधित व्यक्तियों को फॉर्म-6 के माध्यम से पुनः नाम जुड़वाने की प्रक्रिया अपनानी होगी।
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