बरेली में सहायक अध्यापक सर्वेश गंगवार की बीएलओ ड्यूटी के दौरान हुई मौत पर परिवार को सांत्वना देने सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कृष्णा होम्स स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि एसआईआर कर्मियों पर भाजपा विरोधी के वोट काटने का मानसिक दबाव बना हुआ है। लिहाजा, मानसिक दबाव में हार्ट अटैक पड़ना या आत्महत्या की घटनाएं हो रही हैं। बिजनौर, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद आदि जिलों में घटनाएं हो रही हैं।
अजय राय ने मृतक बीएलओ के जुड़वा बच्चे बेटे अयांश और बेटी अयाना को गोद में बिठाकर मृतक की भाभी शशिबाला और छोटे भाई से बातचीत की। बातचीत के बाद उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये सहायता राशि और छोटे भाई को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। बताया कि सहायक अध्यापक सर्वेश की पत्नी का निधन तीन माह पूर्व हो चुका है। बच्चे अनाथ हो गए हैं। सरकार ने अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। जिससे परिवार का भविष्य सुधर सके। अगर परिवार के लिए सरकार आगे नहीं आएगी तो कांग्रेसी सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे।
तीन से चार माह बढ़ाना चाहिए एसआईआर का समय
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जौनपुर में विपक्षियों के नाम काटने का वीडियो वायरल है। जो इस काम में सहयोग नहीं कर रहे उनका उत्पीड़न हो रहा है। सरकार को एसआईआर का वक्त कम से कम तीन से चार माह तक बढ़ाना चाहिए। ताकि मानसिक तनाव न रहे। कर्मी बेहतर तरीके से कार्य को कर सकें। इससे पूर्व भी यह प्रक्रिया हुई थी, तब ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जल्दबाजी में लिया फैसला है। जो शिक्षक, लेखपाल और अन्य एसआईआर में जुटे कर्मियों के लिए जंजाल बना है।
‘अभी तक आश्वासन मिला, पर सरकार पर भरोसा है…’
प्रदेश अध्यक्ष से बात करते हुए शशिबाला ने कहा कि अभी तक सिर्फ प्रशासन से आश्वासन ही मिला है। जिलाधिकारी घर आए और उन्होंने भरोसा दिया था कि बच्चों के चाचा को संविदा पर नौकरी दिलाएंगे। देवर नेट क्वालिफाई हैं इसलिए योग्यता अनुरूप सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। कहा कि सर्वेश के घर का 28 लाख रुपये ऋण बकाया है। पूरा परिवार बच्चों के साथ ही रहेगा।