रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2022 में यूक्रेन के साथ युद्ध शुरू होने के बाद बहुत ही कम विदेश यात्राएं की हैं। इस युद्ध के शुरू के बाद पुतिन पहली बार भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। चार साल बाद हो रही इस यात्रा पर अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय देशों की नजर है। बता दें कि राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के साथ युद्ध शुरू होने के बाद बहुत ही कम विदेश यात्राएं की हैं।
यूक्रेन पर आक्रमण करने से पहले पुतिन अपने शासनकाल के दौरान अधिकांशत: फ्रांस, इंग्लैंड, ऑस्ट्रिया और अमेरिका जैसे देशों का दौरा करते रहे थे। लेकिन यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद उनकी यात्राएं बेलारूस, उत्तर कोरिया, वियतनाम और चीन जैसे देशों तक सीमित हो गई हैं, क्योंकि पश्चिमी देश लगातार रूस को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग करने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं।
क्यों सीमित हुईं पुतिन की विदेश यात्राएं?
राष्ट्रपति पुतिन की विदेश यात्राएं 2023 में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के कारण भी सीमित रही हैं। पुतिन उन देशों की यात्राओं पर नहीं गए है, जो न्यायालय के अधिकार को मान्यता देते हैं। अमेरिका न्यायालय का सदस्य नहीं है, इसलिए अमेरिका पुतिन को गिरफ्तार नहीं कर सकता है। जिसके चलते पुतिन ने अगस्त 2025 में अलास्का की यात्रा की थी। 2015 के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका की उनकी पहली यात्रा थी। यही नहीं यूक्रेन पर आक्रमण के बाद किसी पश्चिमी देश की भी उनकी पहली यात्रा थी। वे इस दौरान किसी भी यूरोपीय देश नहीं गए हैं। उनकी यात्राएं पूर्व सोवियत संघ देशों और कुछ एशियाई देशों तक ही सीमित रही हैं।
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