दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन थाना क्षेत्र में मोबाइल लूट के लिए बुधवार रात 11 बजे के करीब तीन नाबालिग समेत चार आरोपियों ने कैब चालक रामसिंह (28) को चाकुओं से गोद दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और 7-8 घंटे तक सर्दी में खुले आसमान के नीचे लहुलूहान पड़े रहे। किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी और न ही अस्पताल पहुंचाया। युवक ने वहीं तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
जानकारी के बाद पुलिस ने राम सिंह के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल में रखवाकर उनके परिजनों को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग आरोपी व एक बालिग आरोपी इमरान को पकड़ा है। इमरान के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने आरोपियों को पकड़ने की पुष्टि की है।
अयोध्या के रहने वाले थे रामसिंह
पुलिस के अनुसार अयाेध्या, यूपी निवासी रामसिंह दिल्ली में कैब चलाता था। टैक्सी उसकी खुद की थी। वह इतना गरीब था कि रात को टैक्सी में ही सोता था। रात 11 बजे के बाद वह बारापूला के पास निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर नाले के पास शौच को गया था। यहां पर उसे चारों आरोपियों ने पकड़ लिया और उसका मोबाइल लूटने लगे। विरोध किया तो उस पर चाकू से करीब 7 से 8 बार वार कर दिए। आरोपी उसका मोबाइल, पैसा लूटकर वहां से भाग गए। बृहस्पतिवार सुबह करीब किसी राहगीर ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस जब तक पहुंची तब तब मृतक राम सिंह की मौत हो चुकी थी।
सीसीटीवी कैमरे से हुई आरोपियों की पहचान
जिला पुलिस उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन सेल की टीमों को लगाया। ऑपरेशन सेल की टीमों ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो वह फुटेज में दिखे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अगर घायल का समय से पता लग जाता तो शायद उसकी जान बच जाती। निजामुद्दीन थाना पुलिस ने बालिग आरोपी इमरान को गिरफ्तार कर लिया। आगे की जांच जारी है।












