उत्तर प्रदेश में समूह ग की भर्तियों के लिए जरूरी योग्यता परीक्षा प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा (पीईटी) का परिणाम मंगलवार देर शाम जारी कर दिया गया। खास यह कि इस साल हुई परीक्षा का परिणाम तीन साल तक के लिए वैध होगा। जो अभी तक मात्र एक साल के लिए वैध हुआ करता था।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से जारी पीईटी का परिणाम एक साल तक ही मान्य रहा करता था। इसकी वजह से वर्तमान साल में कई नई भर्तियों का विज्ञापन नहीं जारी किया जा सका है। यही वजह है कि आयोग की मांग पर शासन ने अप्रैल में शासनादेश जारी कर इसके परिणाम को तीन साल के लिए मान्य किया था। इस परिणाम के जारी होते ही कई नई भर्तियों का विज्ञापन जारी होगा।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से छह व सात सितंबर को प्रदेश के 48 जिलों के 1479 परीक्षा केंद्रों का आयोजन किया गया था। इसमें पंजीकृत कुल 25 लाख 31 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी थे। जबकि परीक्षा में 19 लाख 43 हजार से अधिक शामिल हुए थे। परीक्षा में 05 लाख 88 हजार अभ्यर्थी अनुपस्थित थे। जबकि 41 अभ्यर्थियों ने अपनी ओएमआर शीट में क्रमांक दर्ज नहीं किया गया था।
आयोग के सचिव अवनीश सक्सेना ने बताया कि 517 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र अधीक्षक द्वारा लिखित परीक्षा के लिए औपबंधिक प्रवेश दिया गया था। वहीं 44 अभ्यर्थी नकल में पकड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि लिखित परीक्षा का परिणाम आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी आवश्यक प्रविष्टि दर्ज कर अपना परिणाम देख सकते हैं। यह आयोग के मोबाइल एप पर भी उपलब्ध है।












