Last Updated:
आज हम आपको एक ऐसी बॉलीवुड फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 1996 में रिलीज के साथ ही सिनेमाघरों में छा गई थी और बॉक्स ऑफिस पर तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनकर उभरी थी. इस फिल्म में पहली बार बड़े पर्दे पर सनी देओल के साथ सलमान खान और करिश्मा कपूर नजर आई थीं. तो चलिए, आपको बताते हैं उस फिल्म के बारे में…
नई दिल्ली. बात चाहे सनी देओल की करें या सलमान खान की या फिर करिश्मा कपूर की… इन तीनों कलाकारों का बॉलीवुड पर दबदबा रहा. समय के साथ-साथ भले ही करिश्मा का जलवा कम होता चला गया, लेकिन सनी देओल और सलमान खान आज भी बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाते रहते हैं.

आज हम आपको इन तीनों की एक ऐसी फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जो रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं उसका नाम था ‘जीत’, जो 23 अगस्त 1996 में रिलीज हुई थी.

इस फिल्म की सबसे खास बात ये थी कि इस फिल्म के जरिए सलमान, करिश्मा और सनी देओल पहली बार एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आए थे. दर्शकों को यह फिल्म बेहद पसंद आई थी और सभी ने इस फिल्म पर अपना भरपूर प्यार भी लुटाया था.
Add News18 as
Preferred Source on Google

विकिपीडिया के आंकड़ों के अनुसार, इस फिल्म को बनाने में मेकर्स के लगभग 5.60 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. वहीं, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने लगभग 30.5 करोड़ रुपये की कमाई करने में सफलता हासिल की थी.

यानी इस फिल्म से मेकर्स को लगभग 6 गुना ज्यादा मुनाफा हुआ था और ये साल 1996 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी. इस फिल्म की कहानी दर्शकों को काफी पसंद आई थी और यही वजह थी कि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था.

बता दें, ‘जीत’ एक रोमांटिक एक्शन फिल्म थी, जिसे राज कंवर द्वारा लिखित और निर्देशित और नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट के तहत साजिद नाडियाडवाला द्वारा निर्मित किया गया था. फिल्म में सनी देओल, सलमान खान और करिश्मा कपूर के अलावा तब्बू और अमरीश पुरी भी अहम किरदारों में नजर आए थे.

फिल्म की कहानी की बात करें तो काजल शर्मा (करिश्मा कपूर) प्रोफेसर सिद्धांत शर्मा (आलोक नाथ) की बेटी है. दूसरी तरफ, करण (सनी देओल) गजराज चौधरी (अमरीश पुरी) के लिए काम करने वाला एक क्रिमिनल है. फिल्म की शुरुआत गजराज से होती है, जो करण को एक जर्नलिस्ट को मारने का ऑर्डर देता है, क्योंकि उसने उसके बारे में नेगेटिव बातें लिखी थीं, और करण पूरी लगन से करता है- उसका पीछा करके बाहर निकलता है और उसे लोगों से भरे मार्केटप्लेस में पकड़ लेता है (जिसमें काजल और उसके पिता भी शामिल हैं).

काजल के पिता क्राइम की रिपोर्टिंग करते हैं. करण को पता चल जाता है और वह काजल और सिद्धांत के घर में घुस जाता है- सिद्धांत को मारने के लिए और उसे पीटना शुरू कर देता है. उसे रोकने की पूरी कोशिश में काजल करण को थप्पड़ मार देती है. वे एक-दूसरे से नजरें मिलाते हैं, जिससे वह साफ तौर पर इम्प्रेस हो जाता है, और वह उनके घर से चला जाता है. इसके बाद क्या होता है ये जानने के लिए आप पूरी फिल्म देख सकते हैं.
![]()










