उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके की ऋषि कर्दम गली नंबर-17 सोमवार आधी रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी। दो बाइक पर आए 4-5 बदमाशों ने करीब 50 राउंड गोलियां बरसाकर दो सगे भाइयों की हत्या कर दी। गोलियों से छलनी मो. फजील (31) की मौके पर मौत हो गई जबकि उसके दिव्यांग भाई नदीम (33) ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा।

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मौके पर मौजूद पुलिस टीम
– फोटो : अमर उजाला
फजील को 20 और नदीम को 17 गोलियां लगीं
पुलिस सूत्रों ने बताया कि फजील को 20 और नदीम को 17 गोलियां लगी हैं। पुलिस ने घटना स्थल से 42 खोखे बरामद किए। दोनों भाइयों के बड़े भाई वसीम ने अपनी सगी बुआ के बेटे असद कुरैशी व अन्य पर हत्या का आरोप लगाया है। वसीम का कहना है कि सोमवार दोपहर को असद ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी थी। जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में 6 टीमों को लगाया गया है।

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मौके पर बरामद खोखा
– फोटो : अमर उजाला
जैकेट का कारोबार करते थे दोनों भाई
पुलिस के मुताबिक फजील और नदीम अपने छोटे भाई कफील के साथ गली नंबर-30/8, कश्मीरी बिल्डिंग, जाफराबाद में रहते थे। इनकी मां शाहिद बेगम बड़े बेटे और उसके परिवार के साथ ब्रह्मपुरी गली नंबर-21 में रहती हैं। नदीम का जैकेट के अलावा खराद मशीन का काम था, जबकि फजील और कफील उसके साथ काम करते थे। सबसे बड़े भाई मो. वसीम की चौहान बांगर, अलताज दवाखाने के पास जैकेट का कारोबार है।

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मौके पर जांच करती पुलिस टीम
– फोटो : अमर उजाला
दिव्यांग था नदीम, शौच तक नहीं कर पाता था खुद से
करीब 5 साल पहले पहली मंजिल से गिरने के बाद नदीम दिव्यांग हो गया था और उसके शरीर के 85 फीसदी हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। यहां तक कि वह शौचालय भी नहीं जा पाता था। फजील बड़े भाई की देखभाल करता था। तीनों भाई खाना खाने के लिए अपनी अम्मी के पास ब्रह्मपुरी जाते थे। सोमवार देर रात करीब 1.30 बजे फजील अपने भाई नदीम को स्कूटी से ब्रह्मपुरी अम्मी के पास जा रहा था। इसी बीच ऋषि कर्दम वाली गली नंबर 17 के पास 4-5 लड़कों ने इन्हें स्कूटी समेत घेर लिया। दोनों भाई कुछ समझ पाते इससे पहले आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर आरोपी भाग निकले। मौके पर भीड़ जमा हो गई।

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जांच करती पुलिस टीम
– फोटो : अमर उजाला
भाई ले रहा था बार-बार असद का नाम
इस बीच इनका भाई वसीम फैक्टरी से घर लौटते समय भीड़ देखकर रुक गया। पूछने पर पता चला कि उसके भाइयों को कुछ लोगों ने गोली मार दी है। वसीम मौके पर पहुंचा तो लहूलुहान फजील की नब्ज थम चुकी थी जबकि नदीम की सांसें चल रही थीं। नदीम को स्कूटी पर बिठाकर वसीम अस्पताल की ओर भागा लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। वसीम ने बताया कि उसका भाई बार-बार असद का नाम ले रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस को वसीम ने बताया कि टशनबाजी में असद उसके भाइयों को धमका रहा था। सूत्रों की माने तो नदीम और असद दोनों हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क से जुड़े थे। असद कुछ समय तक नदीम के साथ ही काम करता था। अब दोनों अलग काम कर रहे थे। इसी बात पर दोनों के बीच तनातनी थी।
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