नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे का कार्य तेज कर दिया है। चार चरणों में कार्य होना है, दो चरणों का कार्य करीब 50 फीसदी पूरा हो गया है। दो साल में कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बनने से 15 जिलों के लोगों को फायदा मिलेगा। आगरा से बरेली का सफर भी दो से ढाई घंटे में पूरा हो जाएगा। अभी पांच-छह घंटे का समय लगता है।
एनएचएआईए के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला मिश्रा ने बताया कि आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे (आगरा-बरेली ग्रीन कॉरिडोर) का निर्माण तेज कर दिया है। इससे उम्मीद है कि तय समय से दो-तीन महीने पहले इसका निर्माण हो जाएगा। इसकी दूरी 228 किमी है। यह चार लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है।
यह आगरा, मथुरा, हाथरस, कासगंज, बदायूं और बरेली को जोड़ेगा। एक्सप्रेसवे 2027 में पूरा हो जाना है। इसकी लागत 7700 करोड़ रुपये है। रूट पर 20 फ्लाईओवर, 26 अंडरपास, 5 बड़े पुल और 6 रेल ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। इससे आसपास के लोगों को भी सुविधा मिलेगी। आगरा और मथुरा से बरेली के लिए तेज कनेक्टिविटी हो जाएगी। जाम से मुक्ति मिलेगी और समय भी बचेगा।
हाथरस से कासगंज में चल रहा यातायात
परियोजना निदेशक ने बताया कि एक्सप्रेसवे चार चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में मथुरा से हाथरस है, इसकी दूरी 66 किमी है। इसमें 60 फीसदी तक कार्य हो गया है, कुछ दूरी पर यातायात चल रहा है। दूसरे चरण में हाथरस से कासगंज 57 किमी है। इस पर वाहनों का संचालन हो रहा है। कासगंज से बदायूं 46 किमी है और इसमें 10 फीसदी कार्य हो गया है। चौथे चरण में बदायूं से बरेली है, इमसें 45 फीसदी तक कार्य हो चुका है।











