खुद के प्रदर्शन से खफा हैं कप्तान सूर्यकुमार
मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने कहा, ‘शायद इस सीरीज में सिर्फ ‘सूर्या द बल्लेबाज’ थोड़ा सा गायब रहा। कहीं न कहीं वह मिसिंग था।’ हालांकि उन्होंने साफ किया कि इसे वह चिंता की बात नहीं मानते, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा समझते हैं। सूर्यकुमार ने कहा कि कप्तानी की जिम्मेदारी और टीम की जरूरतों को प्राथमिकता देना उनके लिए ज्यादा अहम था। उन्होंने आगे कहा, ‘टीम अच्छा खेल रही थी, हर मैच में कोई न कोई खिलाड़ी आगे आकर जिम्मेदारी निभा रहा था। ऐसे में मेरे लिए जरूरी था कि मैं टीम के माहौल और प्लान को सही दिशा में ले जाऊं।’
चार पारियों में सिर्फ 34 रन बना सके
इस सीरीज में कप्तान सूर्यकुमार यादव का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा है। उन्होंने चार मैचों में कुल 34 रन बनाए। उनकी पारियों 12, 5, 12 और 5 रन की रहीं। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि फॉर्म का लौटना सिर्फ समय की बात है। सूर्या ने कहा, ‘मैं खुद को अच्छी तरह जानता हूं। मेहनत जारी है और ‘सूर्या द बल्लेबाज’ जरूर वापस आएगा, वह भी पहले से ज्यादा मजबूत होकर।’ कप्तान ने यह भी कहा कि क्रिकेट में हर खिलाड़ी के करियर में ऐसे दौर आते हैं, जब रन नहीं निकलते, लेकिन टीम की जीत सबसे बड़ी राहत होती है। उन्होंने आगे कहा, ‘अगर टीम जीत रही है और बाकी खिलाड़ी परफॉर्म कर रहे हैं, तो एक बल्लेबाज के तौर पर आपको धैर्य रखना होता है।’
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