बैंकॉक में नौकरी के नाम पर दो भाइयों को साइबर ठगी में ढकेलने वाले मुंबई के शातिर प्रमोद कुमार यादव को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नौकरी की आस में दोनों भाइयों ने प्रमोद को 2.35 लाख रुपये दिए थे।
सादाबाद के गांव गढ़उमराव के रहने वाले समीर अली ने 7 दिसंबर को साइबर सैल में नवी मुंबई, बेलापुर गांव के प्रमोद यादव के खिलाफ धोखाधड़ी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि प्रमोद ने दोनों युवकों से रुपये लेने के बाद थाईलैंड भेज दिया था। साथ ही उसे कोई पकड़ न सके, इसलिए आधार कार्ड पर भी फर्जी पता दिया था। रुपये ठगने के बाद समीर व उसके भाई सगीर को 31 जुलाई को थाईलैंड भेज दिया था। होटल की बुकिंग व ज्वांइनिंग के कागज आदि भी तैयार करके दे दिए थे, जिससे दोनों झांसे में आ गए। थाईलेंड से इन्हें सड़क मार्ग से चोरी छिपे म्यांमार बॉर्ड पार कराकर केके पार्क में चल रही साइबर सलेवरी में धकेल दिया।
पुलिस ने बताया कि केके पार्क में चाइनीज व्यक्ति ने उनसे लोगों को ठगने के लिए जबरन काम कराया। मना करने पर पासपोर्ट छीन लिया गया तथा तीन दिनों तक भूखा-प्यासा भी रखा गया। समीर को कस्टमर सर्विस रिप्रजेंटेटिव के पद पर काम करने के लिए भेजा गया था।
युवती व उसका साथी भी फंसा था चंगुल में
समीर से पहले जिले की एक युवती व उसके साथी को भी इसी तरह विदेश भेजा था। भारत वापसी के बाद युवती ने 18 नवंबर को साइबर सैल में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में हाथरस पुलिस ने हिमांचल के संजय राणा व उसके साथी सचिन राणा की गिरफ्तारी हुई, जिसने थायलैंड में रहकर तस्करी में मदद की थी।











