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Bollywood Superhit Movie Noorie Uknown Facts : हर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर की ख्वाहिश होती है कि उसकी बनाई हुई फिल्म ब्लॉकबस्टर मूवी निकले लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं होता. हर फिल्म की अपनी डेस्टिनी होती है. हर फिल्म सफल भी नहीं होती. कोई भी डायरेक्टर-प्रोड्यूसर यह नहीं चाहता कि उसकी फिल्म फ्लॉप हो लेकिन बॉलीवुड में एक बार ऐसा भी कारनामा हो चुका है. मूवी के सुपरहिट निकलने से प्रोड्यूसर बहुत दुखी हुआ. मजेदार बात यह है कि प्रोड्यूसर से उसी समय में एक और फिल्म बनाई थी, जो तीन माह के अंतराल में रिलीज भी हुई थी. बड़े स्टार कास्ट की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उतना करिश्मा नहीं दिखा पाई थी. ये फिल्में कौन सी थी, आइये जानते हैं इनसे जुड़े दिलचस्प किस्से….
वैसे तो डायरेक्टर-प्रोड्यूसर प्रॉफिट के लिए ही फिल्में बनाते हैं. कोई भी डायरेक्टर-प्रोड्यूसर नहीं चाहता कि उसकी फिल्म फ्लॉप हो जाए. दीवार फिल्म की अपार सफलता के बाद बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर यश चोपड़ा ने दो फिल्मों की स्क्रिप्ट फाइनल की थी. वो अमिताभ बच्चन लेकर एक और फिल्म मल्टी स्टारर फिल्म बनाना चाहते थे. हुआ भी कुछ ऐसा थी. यश चोपड़ा ने ‘काला पत्थर’ नाम से फिल्म बनाई. उन्होंने एक छोटे बजट की फिल्म भी इसी दौरान प्रोड्यूस की. दिलचस्प बात यह है कि वो चाहते थे कि उनकी छोटे बजट की फिल्म फ्लॉप हो जाए लेकिन हुआ इसके ठीक उलट. छोटे बजट की फिल्म सुपरहिट हो गई. ये फिल्में थीं : काला पत्थर और नूरी. यश चोपड़ा क्यों चाहते थे कि नूरी फ्लॉप हो जाए, आइये जानते हैं दिलचस्प किस्सा….

नूरी फिल्म 11 मई 1979 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म का डायरेक्शन मनमोहन कृष्ण ने किया था. यह उनके डायरेक्शन में बनी एकमात्र फिल्म है. चरित्र अभिनेता मनमोहन कृष्ण के साथ जब यश चोपड़ा धूल का फूल फिल्म में काम कर रहे थे, तब उन्होंने कहा था कि अगर मैं प्रोड्यूसर बना तो आपको एक फिल्म डायरेक्टर करने का मौका दूंगा. यश चोपड़ा ने नूरी फिल्म में अपना वादा निभाया था. फिल्म की कहानी सागर सरहदी ने लिखी थी. फिल्म में फारुक शेख, पूनम ढिल्लो और मदन पुरी लीड रोल में थे. यह पूनम ढिल्लो की डेब्यू फिल्म थी. म्यूजिक खय्याम का था. गीतकार जां निसार अख्तर, मजरूह सुल्तानपुरी और नक्श ल्यालपुरी थे. फिल्म के प्रोड्यूसर यश चोपड़ा थे. यशराज फिल्म्स के बैनर तले फिल्म को रिलीज किया गया था. फिल्म की सफलता में सबसे बड़ा हाथ मूवी के सदाबहार म्यूजिक का था.

नूरी फिल्म 1970 के दशक के शुरू में ही प्लान हुई थी. ख्याम इसके प्रोड्यूसर थे. वहीदा रहमान को फिल्म में लिया जाना था लेकिन यह फिल्म नहीं बन पाई. यश चोपड़ा के असिस्टेंट रमेश तलवार को जब स्क्रिप्ट के बारे में पता चला कि उन्होंने राखी को लेकर फिल्म बनाने की इच्छा जताई. यश चोपड़ा ने उन्हें रोका और ‘दूसरा आदमी’ कंप्लीट करने को कहा. जब नूरी पर काम शुरू हुआ तो राखी की जगह पूनम ढिल्लो को लिया.
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कहा जाता है कि यश चोपड़ा ने यह फिल्म टैक्स बचाने के लिए बनाई थी. वो सोचते थे कि यह फिल्म नहीं चलेगी. यश चोपड़ा का पूरा फोकस ‘काला पत्थर’ पर था. काला पत्थर बड़े बजट की फिल्म थी. उन्हें यकीन था कि काला पत्थर बहुत बड़ी हिट होगी लेकिन हुआ इसके ठीक उलट. नूरी फिल्म उम्मीद से ज्यादा कामयाब रही. नूरी फिल्म भारत के अलावा चीन में बहुत कामयाब रही. चीन में यह फिल्म 1981 में रिलीज हुई थी. फिल्म के गाने बेहद पॉप्युलर हुए. ‘आजा ओ मेरे दिलवर आजा’ आज भी समां बांध देता है.

नूरी फिल्म ने पूनम ढिल्लो को रातोंरात फेमस कर दिया. हर प्रोड्यूसर उन्हें अपनी फिल्म में लेने की कोशिश करने लगे. नूरी फिल्म ने फारुक शेख को भी स्टार बना दिया. इससे पहले वो तीन-चार फिल्में कर चुके थे लेकिन असली पहचान उन्हें नूरी फिल्म से मिली. नूरी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही. यह 1979 की सातवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. नूरी फिल्म का बजट करीब 1.10 करोड़ बताया जाता है. फिल्म ने 2.5 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

फिल्म का फेमस डॉन हैरो शूटिंग के दौरान जीप से गिर गया था. जीप के पहिये के नीचे आ गया था लेकिन जल्द ही उठकर भौंकने लगा. सबको लगा कि हैरो ठीक है लेकिन इंटरनल ब्लीडिंग के चलते उसकी मौत हो गई. दिलचस्प बात यह है कि नूरी की तरह ‘तेरी मेहरबानियां’ मूवी में भी डॉग की कहानी के साथ पूनम ढिल्लो नजर आई थीं. यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी.

नूरी फिल्म को लेकर पूनम ढिल्लो ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘फारुक शेख थिएटर के कलाकार थे. वो फिल्म की शूटिंग के दौरान हमेशा अपने हाथ में किताब रखते थे. बहुत कम बोलते थे. मदन पुरी- मनमोहन कृष्ण बहुत सीनियर एक्टर थे. नूरी फिल्म करने के बाद मैं फिर से पढ़ाई करने चली गई थी लेकिन फिल्म के रिलीज के साथ ही मुझे ढेर सारी मूवी के ऑफर आने लगे.’

1979 में यश चोपड़ा ने सत्य घटना पर आधारित फिल्म ‘काला पत्थर’ बनाई थी. कहानी सलीम-जावेद ने लिखी थी. फिल्म का डायरेक्शन-प्रोडक्शन यश चोपड़ा ने किया था. इस फिल्म में शशि कपूर, अमिताभ बच्चन, राखी गुलजार, शत्रुघ्न सिन्हा, परवीन बॉबी, नीतू सिंह, प्रेम चोपड़ा और मैक मोहन नजर आए थे. म्यूजिक राजेश रोशन का था. गीतकार साहिर लुधियाधनवी थे. फिल्म के गाने ‘बाहों में तेरी मस्ती के घेरे-मस्ती के घेरे’ और ‘एक रास्ता है जिंदगी’ आज भी उतने ही पॉप्युलर हैं. यह 1979 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म की लिस्ट में पांचवे नंबर पर थी. फिल्म का बजट करीब 1 करोड़ रुपये थे और 3 करोड़ का कलेक्शन किया था. फिल्म का बजट ज्यादा होने की वजह से यह फिल्म एवरेज करार दी गई थी.

यह फिल्म धनबाद में 27 दिसंबर 1975 के इस्को की चासनाला कोलियरी की डीप माइंस में हुए हादसे पर बेस्ड थी. इस हादसे में खदान में काम पर गए 375 खनिकों की मौत हो गई थी. 37 साल तक मुकदमा चला. 16 मार्च 2012 को जब फैसला आय तो दो अफसरों को सिर्फ 1 साल की सजा सुनाई गई थी. फिल्म की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा के बीच दूरियां आ गई थीं. दोनों के बीच के फाइट सीन ने सबसे ज्याद सुर्खियां बटोरी थीं.
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