मुंबई. सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का ऑडियंस को बेसब्री से इंतजार है, लेकिन अभी तक मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट का ऐलान नहीं किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलमान खान के 60वें बर्थडे पर इसकी रिलीड डेट की अनाउंसमेंट हो सकती है. इतना ही नहीं उम्मीद की जा रही है कि सलमान के बर्थडे पर ‘बैटल ऑफ गलवान’ का टीजर भी रिलीज हो होगा. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मेकर्स फिल्म को ईद 2026 पर रिलीज करना चाहते हैं.
बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान की इस फिल्म की रिलीज डेट उनके 60वें जन्मदिन के साथ ही घोषित की जा सकती है. रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से बताया गया है कि सलमान खान इस फिल्म को ईद पर रिलीज करना चाहते थे, लेकिन ‘धुरंधर 2’ पहले ही उस दिन के लिए लॉक हो चुकी है, इसलिए ‘बैटल ऑफ गलवान’ के लिए ईद पर रिलीज की संभावना कम है.
सूत्र ने बताया, “फिल्म की टीम रिलीज के लिए कई तारीखों पर विचार कर रही है. ईद पहले भी एक विकल्प थी और अब भी है, लेकिन ‘धुरंधर 2’ के ईद पर रिलीज होने की घोषणा के बाद अब इसकी संभावना कम हो गई है. सलमान खान साफ सोच रखते हैं और वे नहीं चाहते कि उनकी फिल्म किसी और फिल्म से टकराए. उनका मानना है कि अगर किसी ने कोई तारीख पहले से ले ली है, तो उन्हें अपनी फिल्म किसी और दिन लानी चाहिए.”
सूत्र ने आगे कहा, “इसी वजह से टीम ऐसी तारीख तलाश रही है जो खाली हो और ‘बैटल ऑफ गलवान’ जैसी बड़ी फिल्म के लिए सही हो. अब टीम मार्च से जून के बीच के सभी समर स्लॉट्स देख रही है. फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा है कि गर्मियों में रिलीज होने वाली किसी बड़ी फिल्म की तारीख आगे बढ़ सकती है. ‘बैटल ऑफ गलवान’ की टीम इस पर नजर बनाए हुए है और देख रही है कि क्या वे उस तारीख को ले सकते हैं. अगर ऐसा नहीं होता, तो वे कोई और तारीख देखेंगे.”
‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर में रिलीज डेट का ऐलान?
सूत्र ने बताया, “टीम इस पर लगातार काम कर रही है और उम्मीद है कि एक-दो दिन में रिलीज डेट फाइनल कर ली जाएगी और प्रोमो में इसका जिक्र होगा. हालांकि, अगर अगले 3-4 दिनों में सही तारीख नहीं मिलती, तो टीजर में रिलीज डेट नहीं बताई जाएगी. लेकिन टीम को उम्मीद है कि वे जल्द ही स्लॉट फाइनल कर लेंगे और प्रोमो के जरिए दुनिया को बता देंगे.”
सच्ची घटना से इंस्पायर है ‘बैटल ऑफ गलवान’
बता दें, ‘बैटल ऑफ गलवान’ को अपूर्व लाखिया डायरेक्ट कर रहे हैं. फिल्म 2020 में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प की कहानी को दिखाती है. यह एक दुर्लभ सीमा संघर्ष था, जिसमें बिना किसी हथियार के, सैनिकों ने हाथापाई, डंडों और पत्थरों से लड़ाई की थी. यह घटना हाल के वर्षों में भारत के लिए सबसे इमोशनल कहानियों में से एक मानी जाती है.












