लखनऊ/एबीएन न्यूज। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में रेल परिचालन की संरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया। यह सेमिनार मंडल रेल प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसमें वरिष्ठ मंडल इंजीनियर/समन्वय श्री गौरव गुप्ता तथा वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डॉ. शिल्पी कन्नौजिया विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सेमिनार का विषय “नॉन-इंटरलॉक गेटों पर कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां” रहा।
इस सेमिनार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडल के इंजीनियरिंग विभाग के सभी सीनियर सेक्शन इंजीनियर एवं रेलपथ पर्यवेक्षकों ने सहभागिता की। सेमिनार के दौरान मंडल रेल प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल ने नॉन-इंटरलॉक गेटों पर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मंडल के सभी नॉन-इंटरलॉक गेटों पर सुरक्षा उपकरण पूर्ण रूप से कार्यशील अवस्था में होने चाहिए और गेट वर्किंग रूल बुक के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि इन गेटों पर ड्यूटी के लिए अनुभवी गेटमैन एवं गैंगमैन की तैनाती को प्राथमिकता दी जाए।
डीआरएम ने गेटमैन की नियमित काउंसलिंग पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी नॉन-इंटरलॉक गेटों पर सेफ्टी चेन और ताले पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहने चाहिए। ट्रेन की सूचना मिलने पर गेटमैन द्वारा केवल एक नंबर का आदान-प्रदान किया जाए। गेट बंद करने के बाद दिन के समय बैनर फ्लैग तथा रात्रि में लाल बत्ती हटाने के उपरांत ही दूसरा प्राइवेट नंबर (ट्रेन नंबर और गेट नंबर सहित) दिया जाए। इसी प्रकार, गेट खोलने से पहले दिन में बैनर फ्लैग और रात में लाल बत्ती लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मंडल के सभी रेल खंडों पर जारी संरक्षा निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
सेमिनार में वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय) सहित अन्य अधिकारी एवं सुपरवाइजर भी उपस्थित रहे। रेलवे प्रशासन ने इस सेमिनार को संरक्षा जागरूकता की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
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