यूं तो अब तक विदाई पर ना जाने कितने ही गाने बनाए जा चुके है. कुछ तो आज भी सुनकर आंसू छलक पड़ते हैं. ऐसा ही गाना साल 1989 में आई फिल्म ‘दाता’ में फिल्माया गया था. वो गाना है ‘बाबुल का ये घर बहना, कुछ दिन का ठिकाना है’… ये गाना सिनेमा की दुनिया में एक अमिट छाप छोड़ चुका है. इस गाने को लोग अब तक नहीं भूले हैं. अलका याज्ञनीक ने इस गाने को अपनी आवाज में अमर कर दिया था. वहीं किशोर कुमार की आवाज में सजे इस गाने को संगीत दिया है संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी ने. जब उन्होंने ये गाना तैयार किया था, वह अपनी बेटी को याद कर बार-बार रो पड़ते थे. इस गाने में मिथुन चक्रवर्ती और पद्मिनी कोल्हापुरे नजर आए थे. पल्लवी जोशी भी इस गाने में नजर आई हैं.
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