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Path Breaking Inspirational Bollywood Film : जिंदगी संघर्ष का दूसरा नाम है. कोई गरीबी से संघर्ष कर रहा है तो कोई बिस्तर पर पड़े-पड़े अपनी बीमारी से संघर्ष कर रहा है. इस संघर्ष में अगर हौसला ना टूटे तो मंजिल मिल ही जाती है.बस एक मोटिवेशन की जरूरत होती है. जिद-जुनून-प्रेरणा से हर काम में देर-सबेर सफलता जरूर मिलती है. जिद-जुनून-प्रेरणा की इसी कहानी को बॉलीवुड के एक मशहूर डायरेक्टर ने पर्दे पर उतारा. एक ऐसी फिल्म बनाई हर जनरेशन को मोटिवेट किया. इस फिल्म की स्क्रिप्ट तीन साल में 200 बार एडिट की गई. जब यह मूवी रिलीज हुई तो हर किसी के दिल-दिमाग में छा गई. यह फिल्म कौन सी थी, जिसने सबका दिल जीत लिया, आइये जानते हैं……
‘हार नहीं मानूंगा, रार नही ठानूंगा, काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की कविता की ये चंद पंक्तियां जिद-जुनून की कहानी को बयां करती हैं. ये पंक्तियां प्रेरणादायी हैं कि हर किसी को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को पंक्तियां जोश से भर देती है. मन-मस्तिष्क में नई ऊर्जा-उत्साह का संचार करती हैं. देश के करोड़ों युवाओं को प्रेरित करने वाली ऐसी ही एक फिल्म करीब दो साल पहले बॉक्स ऑफिस पर आई थी. इस फिल्म का नाम था : 12वीं फेल (12th फेल). इस फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स….

12वीं फेल मूवी 27 अक्टूबर 2023 को रिलीज हुई थी. फिल्म का डायरेक्शन विधु विनोद चोपड़ा ने किया था. स्क्रीनप्ले विधु विनोद चोपड़ा, जशकुंवर कोहली और विकास दिव्यकीर्ति ने लिखा था.फिल्म की स्क्रिप्ट तीन साल में 200 बार एडिट की गई थी. इस मूवी में विक्रांत मैसी, मेधा शंकर, अनंत जोशी, अंशुमान पुष्कर और प्रियांशु चटर्जी जैसे सितारे लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म की कहानी अनुराग पाठक के उपन्यास ‘ट्वेल्थ फेल’ पर बेस्ड थी. फिल्म को विधु विनोद चोपड़ा और योगेश ईश्वर ने प्रोड्यूस किया था. मूवी में डीआईजी मनोज कुमार शर्मा और उनकी पत्नी आईआरएस अफसर श्रद्धा जोशी की रियल लाइफ स्टोरी दिखाई गई है. नवंबर 2022 में फिल्मकार विधु विनोद चोपड़ा ने अनुराग पाठक के उपन्यास ट्वेल्थ फेल पर मूवी बनाने का ऐलान किया था.

फिल्म में विक्रांत मैसी लीड रोल में थे. यूपीएससी कोच विकास दिव्यकीर्ति भी स्क्रीन पर नजर आए थे. फिल्म में यूपीएससी की तैयारी कर रहे कई छात्रों ने कई तरह के रोल किए थे. फिल्म की शूटिंग आगरा, चंबल, दिल्ली, मसूरी और मुंबई में हुई. फिल्म का ज्यादातर हिस्सा यूपीएससी कोचिंग के लिए मशहूर राजेंद्र नगर और मुखर्जी नगर में भी शूट किया गया था.
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फिल्म का म्यूजिक शांतनु मोइत्रा ने कंपोज किया था. गीतकार स्वनंद किरकिरे और रफ्तार थे. फिल्म में चंबल-ग्वालियर के बीहड़ क्षेत्र के एक गांव से निकले आईपीएस मनोज कुमार शर्मा के संघर्ष की कहानी थी. कैसे उन्होंने आईपीएस बनने का सपना पाला, कैसे वो ग्वालियर से दिल्ली आए और उन्होंने यहां पर कैसे संघर्ष किया, यह सब सिलसिलेवार ढंग से फिल्म में दिखाया गया है. रियल लाइफ पर बेस्ड इस फिल्म का फिल्मांकन बहुत ही रियल लोकेशन पर किया गया. रियल सीन दिल-दिमाग पर गहरी छाप छोड़ते हैं. विक्रांत मैसी ने किरदार को जी लिया था. फिल्म जीरो से हीरो का सफर खूबसूरती से दिखाती है.

मनोज शर्मा चाहते थे कि वो किसी तरह 12वीं पास कर लें और फिर उन्हें चपरासी की नौकरी मिल जाए, लेकिन जिंदगी को कुछ और मंजूर था. उनका लक्ष्य बदल जाता है. विक्रांत मैसी ने अपने चेहरे पर कोई मेकअप नहीं किया था. उन्होंने कई हफ्ते गांव में गुजारे थे. फिल्म में उनकी जली हुई स्किन साफ तौर पर दिखाई देती है. फिल्म में मनोज शर्मा की गर्लफ्रेंड श्रद्धा का किरदार मेधा शंकर ने निभाया था. इस किरदार में उन्होंने अपना बेस्ट देने की कोशिश की. अंशुमान पुष्कर, अनंत जोशी, हरीश खन्ना,गीता अग्रवाल शर्मा और सरिता जोशी सबने अपने-अपने हिस्से का शानदार काम किया.

पहले इस फिल्म का डायरेक्शन राजकुमार हिरानी को करना था लेकिन नए राइटर के साथ फिल्म लिखते समय विधु विनोद चोपड़ा फिल्म की कहानी से बहुत अटैच हो गए. फिर उन्होंने इस फिल्म के डायरेक्शन का जिम्मा खुद संभाला. फिल्म में नजर आए प्रीतम पांडेय और गौरी भैया का कैरेक्टर क्या सच में रियल में है? दरअसल, मनोज कुमार शर्मा के संघर्ष को करीब से देखने वाले अनुराग पाठक ने 2019 में ट्वेल्थ फेल (12th Fail) नाम से एक उपन्यास लिखा था. अनुराग पाठक ही प्रीतम पांडेय हैं. वो भी मुखर्जी नगर में मनोज शर्मा के साथ रहते थे. यूपीएससी की तैयारी की थी. मूवी में दिखाया जाता है वो मीडिया में जाना चाहते हैं. अनुराग पाठक राइटर बने हुए हैं. दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में पांडेय के पिता दिखाई नहीं देते. सिर्फ फोन पर एक ओर से उनकी आवाज आती है. यह आवाज विधु विनोद चोपड़ा की थी.

क्लाइमैक्स में फिल्म में दिखाई गई यूपीएससी की बिल्डिंग दिल्ली स्थित यूपीएससी की बिल्डिंग का रिप्लिका थी. यानी उसी तरह का सेट तैयार किया गया था. दरअसल, यूपीएससी की बिल्डिंग के अंदर फिल्म की शूटिंग की अनुमति नहीं मिली थी, ऐसे में इसी बिल्डिंग से मिलती-जुलती बिल्डिंग तैयार की गई. जब दर्शकों ने यह फिल्म देखी तो यूपीएससी ऑफिस में काम करने वाले अधिकरी भी फर्क महसूस नहीं कर पाए.

फिल्म में गौरी भैया का किरदार पूरी तरह से फिक्शनल था. मुखर्जी नगर में ऐसे कई बच्चे आते हैं जो यूपीएससी में फेल हो जाने के बाद इसी इलाके में अपनी जिंदगी शुरू करते हैं. आटा चक्की वाले सीन के लिए फिल्म के क्रू मेंबर्स ने 150 से ज्यादा आटा चक्कियों को आगरा, ग्वालियर, दिल्ली और मुंबई में देखा था. फिर उसी तरह का एक सेट डिजाइन किया. 12वीं फेल बहुत ही इंस्पायरिंग और इमोशनल जर्नी पर दर्शकों को लेकर जाती है. कई सीन्स देखकर आंखें नम हो जाती हैं. विकास दिव्यकीर्ति ने फिल्म के लिए सिर्फ एक रुपये की फीस ली थी. 12वीं फेल फिल्म का बजट करीब 20 करोड़ रुपये रखा गया था. फिल्म ने 67 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट मूवी साबित हुई थी.
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